निर्भया केस: दोषी विनय शर्मा की दया याचिका राष्ट्रपति ने की खारिज, टल गई है फांसी

Nirbhaya case
निर्भया गैंगरेप: डेथ वारंट जारी होने के बाद फांसी से बचाने के लिए दोषी विनय के वकील ने चला ये दांव

नई दिल्ली। निर्भया के एक और गुनाहगार विनय शर्मा की दया याचिका को राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है। राष्ट्रपति ने इससे पहले निर्भया केस के एक दोषी मुकश सिंह की दया याचिका को खारिज किया था। वहीं, अभी इस केस में दोषी अक्षय और पवन गुप्ता ने अभी दया याचिका दाखिल नहीं की है। लिहाजा, अब राष्ट्रपति के पास ​निर्भया केस के किसी भी दोषी की दया याचिका लंबित नहीं है।

Nirbhaya Case President Rejects Mercy Plea Of %e2%80%8b%e2%80%8bconvict Vinay Sharma Hanging Is Postponed :

बता दें कि, शुक्रवार को कानूनी तिकड़मों के चलते निर्भया के दरिंदों को फांसी पर लटकाने की तारीख एक बार फिर टल गई। उन्हें एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी होनी थी। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को अगले आदेश तक चारों दोषियों के डेथ वारंट के अमल पर रोक लगा दी।

सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल प्रशासन ने कोर्ट से कहा कि तय तारीख को तीन दोषियों को फांसी दी जा सकती है। इस बीच, निर्भया के पिता ने फांसी में देरी के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, केजरीवाल ने ट्वीट कर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है। बता दें कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने दोषियों की फांसी की सजा रोकने की अपील वाली याचिका पर यह आदेश दिया है।

जज ने लंच से पहले सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने कहा, विनय को छोड़कर किसी की दया याचिका या अन्य कोई याचिका लंबित नहीं है। इसलिए उसके अलावा तीनों को शनिवार सुबह फांसी दी जा सकती है।

वहीं, दोषी मुकेश की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने इसका विरोध किया और कहा कि अलग-अलग फांसी नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट के 1982 के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, अगर एक मामले में एक से ज्यादा को मौत की सजा हुई है तो उन्हें फांसी भी एक साथ ही दी जा सकती है।

नई दिल्ली। निर्भया के एक और गुनाहगार विनय शर्मा की दया याचिका को राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है। राष्ट्रपति ने इससे पहले निर्भया केस के एक दोषी मुकश सिंह की दया याचिका को खारिज किया था। वहीं, अभी इस केस में दोषी अक्षय और पवन गुप्ता ने अभी दया याचिका दाखिल नहीं की है। लिहाजा, अब राष्ट्रपति के पास ​निर्भया केस के किसी भी दोषी की दया याचिका लंबित नहीं है। बता दें कि, शुक्रवार को कानूनी तिकड़मों के चलते निर्भया के दरिंदों को फांसी पर लटकाने की तारीख एक बार फिर टल गई। उन्हें एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी होनी थी। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को अगले आदेश तक चारों दोषियों के डेथ वारंट के अमल पर रोक लगा दी। सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल प्रशासन ने कोर्ट से कहा कि तय तारीख को तीन दोषियों को फांसी दी जा सकती है। इस बीच, निर्भया के पिता ने फांसी में देरी के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, केजरीवाल ने ट्वीट कर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है। बता दें कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने दोषियों की फांसी की सजा रोकने की अपील वाली याचिका पर यह आदेश दिया है। जज ने लंच से पहले सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने कहा, विनय को छोड़कर किसी की दया याचिका या अन्य कोई याचिका लंबित नहीं है। इसलिए उसके अलावा तीनों को शनिवार सुबह फांसी दी जा सकती है। वहीं, दोषी मुकेश की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने इसका विरोध किया और कहा कि अलग-अलग फांसी नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट के 1982 के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, अगर एक मामले में एक से ज्यादा को मौत की सजा हुई है तो उन्हें फांसी भी एक साथ ही दी जा सकती है।