निर्भया केस: राष्ट्रपति ने खारिज की दोषी पवन की दया याचिका

Nirbhaya case
निर्भया केस: राष्ट्रपति ने खारिज की दोषी पवन की दया याचिका

नई दिल्ली। निर्भया केस में चार दोषियों को काफी पहले ही फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। लेकिन 3 बार डेथ वारंट जारी होने के बावजूद उन्हे फांसी नही दी जा सकी। हर बार दोषियों की तरफ से अलग अलग याचिकाएं डाल दी जाती हैं जिसकी वजह से उनकी फांसी टल जाती है। इस बार भी 3 मार्च को सभी दोषियों को फांसी होनी थी लेकिन दोषी पवन ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका डाल दी थी जिसकी वजह से फांसी टल गयी। हालांकि आज राष्ट्रपति ने उसकी दया याचिका खारिज कर दी है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही उनकी फांसी का नया डेथ वारंट जारी हो सकता है।

Nirbhaya Case President Rejects Pawans Mercy Plea :

गौरतलब है कि दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को निर्भया के साथ छह दरिंदों ने चलती बस में गैंगरेप किया था। छह में से एक दोषी नाबालिग था जिसे बाल सुधार गृह भेजा गया था जो कि अब छूट चुका है और कहीं गुमनामी की जिंदगी बिता रहा है। बाकी बचे पांचो दोषियों को इस मामले में फांसी की सजा सुनाई गयी थी। लेकिन एक आरोपी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में ही आत्महत्या कर ली थी। अब घटना के सात साल बाद बाकी बचे चार दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को जल्द ही फांसी की सजा होनी है।

नई दिल्ली। निर्भया केस में चार दोषियों को काफी पहले ही फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। लेकिन 3 बार डेथ वारंट जारी होने के बावजूद उन्हे फांसी नही दी जा सकी। हर बार दोषियों की तरफ से अलग अलग याचिकाएं डाल दी जाती हैं जिसकी वजह से उनकी फांसी टल जाती है। इस बार भी 3 मार्च को सभी दोषियों को फांसी होनी थी लेकिन दोषी पवन ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका डाल दी थी जिसकी वजह से फांसी टल गयी। हालांकि आज राष्ट्रपति ने उसकी दया याचिका खारिज कर दी है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही उनकी फांसी का नया डेथ वारंट जारी हो सकता है। गौरतलब है कि दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को निर्भया के साथ छह दरिंदों ने चलती बस में गैंगरेप किया था। छह में से एक दोषी नाबालिग था जिसे बाल सुधार गृह भेजा गया था जो कि अब छूट चुका है और कहीं गुमनामी की जिंदगी बिता रहा है। बाकी बचे पांचो दोषियों को इस मामले में फांसी की सजा सुनाई गयी थी। लेकिन एक आरोपी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में ही आत्महत्या कर ली थी। अब घटना के सात साल बाद बाकी बचे चार दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को जल्द ही फांसी की सजा होनी है।