निर्भया केस: दोषी पवन की याचिका SC ने की खारिज, वकील बोले-बच्चे को फांसी मत दो, कोरोना से जोड़ा

Nirbhaya case
निर्भया केस: दोषी पवन की याचिका SC ने की खारिज, वकील बोले-बच्चे को फांसी मत दो, कोरोना से जोड़ा

नई दिल्ली। निर्भया के चारो दोषियों को कल यानी 20 मार्च की सुबह साढ़े 5 बजे फांसी पर लटकाया जायेगा। लगातार तीन बार जैसे तैसे दोषियों ने फांसी टलवा ली लेकिन इस बार उनकी फांसी तय समय पर होने का पूरा अनुमान है। दरअसल दोषी पवन की याचिका को आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पवन ने निर्भया के साथ हुई घटना के समय खुद को नाबालिग बताते हुए यह याचिका दायर की थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही पवन की याचिका खारिज की तो दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा, वह कोई आतंकी नहीं है, साढ़े 16 साल के बच्चे को फांसी मत दो। यही नही एपी सिंह ने इस दौरान फांसी को कोरोना वायरस से भी जोड़ दिया। लेकिन कोर्ट ने वारदात के वक्त पवन के नाबालिग होने की दलील को पूरी तरह से ठुकरा दिया। इसके साथ ही पवन का आखिरी दांव भी फेल हो गया है। अब कल चारों दोषियों को फांसी की सजा होनी है।

जस्टिस एन.वी. रमण के नेतृत्व में 6 जजों की एक पीठ ने उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह कोई मामला नहीं बनता। पीठ ने कहा, मौखिक सुनवाई का अनुरोध खारिज किया जाता है। हमने क्यूरेटिव पिटिशन और संबंधित दस्तावेजों पर गौर किया। हमारे अनुसार यह कोई मामला नहीं बनता, इसलिए हम पिटिशन को खारिज करते हैं। बता दें कि 5 मार्च को एक निचली अदालत ने मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को फांसी देने के लिए नया डेथ वॉरंट जारी किया था।

दोषियों के वकील एपी सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट में सब काम बंद है, लेकिन यह नहीं हो रहा है कि फांसी की सजा पर रोक लगाई जाए। यह बहुत दुखद बात है। यह सब प्रेशर में हो रहा है। यही नही वकील ने निर्भया के दोषियों की फांसी को कोरोना वायरस संक्रमण से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, ‘प्रकृति कह रही है कि अगर रस्सी खरीदेंगे फांसी चढ़ाने के लिए तो मास्क बढ़ाने पड़ेंगे। एक दिन ऐसा होगा कि मास्क से भी इलाज नहीं होगा। इसलिए मैं कह रहा हूं कि प्रकृति को मानो। ऐसा मत करो। साढ़े 16 साल के बच्चे को फांसी मत दो। अन्याय हो रहा है।

नई दिल्ली। निर्भया के चारो दोषियों को कल यानी 20 मार्च की सुबह साढ़े 5 बजे फांसी पर लटकाया जायेगा। लगातार तीन बार जैसे तैसे दोषियों ने फांसी टलवा ली लेकिन इस बार उनकी फांसी तय समय पर होने का पूरा अनुमान है। दरअसल दोषी पवन की याचिका को आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पवन ने निर्भया के साथ हुई घटना के समय खुद को नाबालिग बताते हुए यह याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही पवन की याचिका खारिज की तो दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा, वह कोई आतंकी नहीं है, साढ़े 16 साल के बच्चे को फांसी मत दो। यही नही एपी सिंह ने इस दौरान फांसी को कोरोना वायरस से भी जोड़ दिया। लेकिन कोर्ट ने वारदात के वक्त पवन के नाबालिग होने की दलील को पूरी तरह से ठुकरा दिया। इसके साथ ही पवन का आखिरी दांव भी फेल हो गया है। अब कल चारों दोषियों को फांसी की सजा होनी है। जस्टिस एन.वी. रमण के नेतृत्व में 6 जजों की एक पीठ ने उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह कोई मामला नहीं बनता। पीठ ने कहा, मौखिक सुनवाई का अनुरोध खारिज किया जाता है। हमने क्यूरेटिव पिटिशन और संबंधित दस्तावेजों पर गौर किया। हमारे अनुसार यह कोई मामला नहीं बनता, इसलिए हम पिटिशन को खारिज करते हैं। बता दें कि 5 मार्च को एक निचली अदालत ने मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को फांसी देने के लिए नया डेथ वॉरंट जारी किया था। दोषियों के वकील एपी सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट में सब काम बंद है, लेकिन यह नहीं हो रहा है कि फांसी की सजा पर रोक लगाई जाए। यह बहुत दुखद बात है। यह सब प्रेशर में हो रहा है। यही नही वकील ने निर्भया के दोषियों की फांसी को कोरोना वायरस संक्रमण से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, 'प्रकृति कह रही है कि अगर रस्सी खरीदेंगे फांसी चढ़ाने के लिए तो मास्क बढ़ाने पड़ेंगे। एक दिन ऐसा होगा कि मास्क से भी इलाज नहीं होगा। इसलिए मैं कह रहा हूं कि प्रकृति को मानो। ऐसा मत करो। साढ़े 16 साल के बच्चे को फांसी मत दो। अन्याय हो रहा है।