निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दोषी मुकेश की याचिका, फांसी होनी तय

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निर्भया केस: दोषी मुकेश ने फांसी से बचने के लिए चली सबसे बड़ी चाल, दिल्ली की अदालत में किया ये दावा

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया केस के एक दोषी मुकेश ​कुमार सिंह की याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कोई सबूत नहीं है कि प्रासंगिक दस्तावेज राष्ट्रपति के सामने नहीं रखे गए थे। मुकेश ने अपनी दया याचिका खारिज करने के लिए खिलाफ अर्जी दाखिल की थी। ऐसे में उसकी फांसी होनी तय हो गयी है।

Nirbhaya Case Supreme Court Dismisses Plea Of %e2%80%8b%e2%80%8bguilty Mukesh Sure To Be Hanged :

इस तरह से अब निर्भया के एक दोषी मुकेश के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं और अब उसकी फांसी होना तय है। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति के फैसले में कोई जल्दबाजी नजर नहीं आती। उन्होंने सभी दस्तावेज देखकर ही फैसला दिया है। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि जेल में मुकेश के साथ खराब व्यवहार हुआ यह उसकी दया का आधार नहीं हो सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि दया याचिका पर शीघ्र कार्रवाई करने का मतलब ये नहीं है कि अच्छे से फैसला नहीं लिया गया है। बता दें कि, निर्भया केस का दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने की न्यायिक समीक्षा की मांग की थी। मंगलवार को मुकेश की ओर से वकील अंजना प्रकाश ने आरोप लगाया गया था कि राष्ट्रपति के सामने पूरे दस्तावेज नहीं रखे गए थे।

दया याचिका को जल्दी में खारिज किया गया। वकील ने कहा था कि यह न्याय को खत्म करना है। इस पर अदालत ने पूछा कि आप यह कैसे कह सकती हैं कि राष्ट्रपति के सामने पूरे तथ्य नहीं रखे गए थे? यह कैसे कहा जा सकता है कि राष्ट्रपति ने सही से विचार नहीं किया?

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया केस के एक दोषी मुकेश ​कुमार सिंह की याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कोई सबूत नहीं है कि प्रासंगिक दस्तावेज राष्ट्रपति के सामने नहीं रखे गए थे। मुकेश ने अपनी दया याचिका खारिज करने के लिए खिलाफ अर्जी दाखिल की थी। ऐसे में उसकी फांसी होनी तय हो गयी है। इस तरह से अब निर्भया के एक दोषी मुकेश के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं और अब उसकी फांसी होना तय है। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति के फैसले में कोई जल्दबाजी नजर नहीं आती। उन्होंने सभी दस्तावेज देखकर ही फैसला दिया है। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि जेल में मुकेश के साथ खराब व्यवहार हुआ यह उसकी दया का आधार नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि दया याचिका पर शीघ्र कार्रवाई करने का मतलब ये नहीं है कि अच्छे से फैसला नहीं लिया गया है। बता दें कि, निर्भया केस का दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने की न्यायिक समीक्षा की मांग की थी। मंगलवार को मुकेश की ओर से वकील अंजना प्रकाश ने आरोप लगाया गया था कि राष्ट्रपति के सामने पूरे दस्तावेज नहीं रखे गए थे। दया याचिका को जल्दी में खारिज किया गया। वकील ने कहा था कि यह न्याय को खत्म करना है। इस पर अदालत ने पूछा कि आप यह कैसे कह सकती हैं कि राष्ट्रपति के सामने पूरे तथ्य नहीं रखे गए थे? यह कैसे कहा जा सकता है कि राष्ट्रपति ने सही से विचार नहीं किया?