निर्भया केस: दोषी मुकेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट तत्काल सुनवाई के लिए तैयार

mukesh
निर्भया केस: दोषी मुकेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट तत्काल सुनवाई के लिए तैयार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट निर्भया केस के दोषी मुकेश की आखिरी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। मुकेश ने राष्ट्रपति द्वारा दाया याचिका ठुकराने के फैसले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा है कि याचिका पर जल्द सुनवाई की जायेगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश के वकील से कहा कि वह शीर्ष अदालत के सक्षम अधिकारी के समक्ष सोमवार को ही याचिका का उल्लेख करें।

Nirbhaya Case Supreme Court Ready For Immediate Hearing On Guilty Plea :

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया मामले में दोषी मुकेश की याचिका पर कहा कि अगर किसी को फांसी दी जाने वाली है तो इससे (सुनवाई से) ज्यादा जरूरी कुछ नहीं हो सकता। गौरतलब है कि निर्भया मामले में दोषी फांसी से बचने के लिए रोज नए दांव चल रहे हैं। निर्भया केस का दोषी मुकेश सिंह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से दया याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।

मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर ने राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती देते हुए इसकी न्यायिक समीक्षा की मांग की है। ग्रोवर ने बताया कि यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दी गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के शत्रुघ्न चौहान मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया गया है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट निर्भया केस के दोषी मुकेश की आखिरी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। मुकेश ने राष्ट्रपति द्वारा दाया याचिका ठुकराने के फैसले को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हुए कहा है कि याचिका पर जल्द सुनवाई की जायेगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश के वकील से कहा कि वह शीर्ष अदालत के सक्षम अधिकारी के समक्ष सोमवार को ही याचिका का उल्लेख करें। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया मामले में दोषी मुकेश की याचिका पर कहा कि अगर किसी को फांसी दी जाने वाली है तो इससे (सुनवाई से) ज्यादा जरूरी कुछ नहीं हो सकता। गौरतलब है कि निर्भया मामले में दोषी फांसी से बचने के लिए रोज नए दांव चल रहे हैं। निर्भया केस का दोषी मुकेश सिंह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से दया याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर ने राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती देते हुए इसकी न्यायिक समीक्षा की मांग की है। ग्रोवर ने बताया कि यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दी गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के शत्रुघ्न चौहान मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया गया है।