निर्भया कांड के चार आरोपियों से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा हलफनामा

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 16 दिसंबर सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में मृत्युदंड पाने वाले चार दोषियों की दलीलों पर विचार करने की परिस्थितियों पर हलफनामे दायर करने को कहा। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर. भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने इस सनसनीखेज मामले में दोषसिद्धि और मृत्युदंड को चुनौती देने वाले इन दोषियों के वकीलों से हलफनामे दायर करके उनकी दलीलों पर विचार करने की परिस्थितियां बताने को कहा।




यह मौखिक निर्देश ऐसे समय आया है जब न्याय मित्र के रूप में पीठ की मदद कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने कहा कि निचली अदालत और उच्च न्यायालय अपराध की प्रकृति से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने इस मामले में आरोपियों को सजा के लिए उचित प्रक्रिया तक का पालन नहीं किया। रामचंद्रन ने कहा था कि अदालतों ने इस मामले में आरोपियों की दलीलों पर विचार नहीं किया।




उन्होंने कहा कि आरोपियों और उनके वकीलों से उनकी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि के बारे में सवाल नहीं पूछे गए और मामले में गंभीरता कम करने की परिस्थितियों पर विचार नहीं किया गया। प्रत्येक आरोपी के मामले पर विचार नहीं किया गया और प्रत्एक आरोपी को मौत की सजा सुनाते समय अलग कारण भी नहीं बताए गए। उनके अनुसार यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत समानता और जीवन की सुरक्षा एवं स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।