22 को ही होगी निर्भया के दोषियों को फांसी,SC ने मुकेश और विनय की क्यूरेटिव याचिका खारिज की

Nirbhaya case
22 को ही होगी निर्भया के दोषियों को फांसी,SC ने मुकेश और विनय की क्यूरेटिव याचिका खारिज की

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने निर्भया केस के दोषी विनय शर्मा और मुकेश द्वारा दायर की गई क्यूरेटिव पिटिशन (समीक्षा याचिका) खारिज कर दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि दोषियों की पूर्व में दायर पुनर्विचार याचिका और क्यूरेटिव याचिका में खास अंतर नहीं है और इस याचिका में कोई ऐसी नई बात नहीं है जिसका संज्ञान लिया जाए। अदालत ने मुकेश और विनय की क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी।

Nirbhaya Convicts To Be Hanged On 22 Sc Dismisses Curative Petition Of Mukesh And Vinay :

न्यायमूर्ति एन वी रमणा, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने विनय शर्मा और मुकेश की ओर से दायर समीक्षा याचिका पर आज पौन दो बजे सुनवाई शुरू की। इसके लिए उन्होंने पांच मिनट का समय तय किया था। जस्टिस रमना के चेंबर में यह सुनवाई पूरी हुई और पांचों जजों ने याचिका को खारिज कर दिया। यह सुनवाई 2012 गैंगरेप और हत्या के दोषी विनय और मुकश की याचिका पर जस्टिस एनवी रमन्ना की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने की।

गौरतलब है कि पिछले मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने मुकेश (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया और कहा कि उन्हें 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी। दोषी मुकेश और विनय की क्यूरेटिव याचिका पर 14 जनवरी को दोपहर एक बजकर 45 मिनट पर सुप्रीम कोर्ट में इन-चैम्बर सुनवाई।

आपको बता दें कि निर्भया कांड के दो दोषियों विनय कुमार शर्मा औैर मुकेश ने डेथ वारंट जारी होने के दो दिन बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दोषी विनय और मुकेश ने अपने कानूनी अधिकार का उपयोग करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) दायर की थी।

बता दें कि समीक्षा याचिकाओं पर फैसला न्यायाधीशों के कक्ष में होता है। यह किसी भी व्यक्ति के लिए सजा से बचने का अंतिम न्यायिक रास्ता है। मौत की सजा पाने वाले अन्य दो दोषियों अक्षय और पवन गुप्ता ने समीक्षा याचिका दायर नहीं की है। गौरतलब है कि निचली अदालत ने चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी देने के लिए मौत का वारंट जारी कर दिया है।

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने निर्भया केस के दोषी विनय शर्मा और मुकेश द्वारा दायर की गई क्यूरेटिव पिटिशन (समीक्षा याचिका) खारिज कर दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि दोषियों की पूर्व में दायर पुनर्विचार याचिका और क्यूरेटिव याचिका में खास अंतर नहीं है और इस याचिका में कोई ऐसी नई बात नहीं है जिसका संज्ञान लिया जाए। अदालत ने मुकेश और विनय की क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति एन वी रमणा, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने विनय शर्मा और मुकेश की ओर से दायर समीक्षा याचिका पर आज पौन दो बजे सुनवाई शुरू की। इसके लिए उन्होंने पांच मिनट का समय तय किया था। जस्टिस रमना के चेंबर में यह सुनवाई पूरी हुई और पांचों जजों ने याचिका को खारिज कर दिया। यह सुनवाई 2012 गैंगरेप और हत्या के दोषी विनय और मुकश की याचिका पर जस्टिस एनवी रमन्ना की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने की। गौरतलब है कि पिछले मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने मुकेश (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया और कहा कि उन्हें 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी। दोषी मुकेश और विनय की क्यूरेटिव याचिका पर 14 जनवरी को दोपहर एक बजकर 45 मिनट पर सुप्रीम कोर्ट में इन-चैम्बर सुनवाई। आपको बता दें कि निर्भया कांड के दो दोषियों विनय कुमार शर्मा औैर मुकेश ने डेथ वारंट जारी होने के दो दिन बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दोषी विनय और मुकेश ने अपने कानूनी अधिकार का उपयोग करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) दायर की थी। बता दें कि समीक्षा याचिकाओं पर फैसला न्यायाधीशों के कक्ष में होता है। यह किसी भी व्यक्ति के लिए सजा से बचने का अंतिम न्यायिक रास्ता है। मौत की सजा पाने वाले अन्य दो दोषियों अक्षय और पवन गुप्ता ने समीक्षा याचिका दायर नहीं की है। गौरतलब है कि निचली अदालत ने चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी देने के लिए मौत का वारंट जारी कर दिया है।