निर्भया गैंगरेप: डेथ वारंट जारी होने के बाद फांसी से बचाने के लिए दोषी विनय के वकील ने चला ये दांव

Nirbhaya case
निर्भया गैंगरेप: डेथ वारंट जारी होने के बाद फांसी से बचाने के लिए दोषी विनय के वकील ने चला ये दांव

नई दिल्ली। दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को हुए निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में चारों दोषियों के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीसरी बार डेथ वारंट जारी किया है। आगामी 3 मार्च को सुबह 6 बजे चारों दोषयों विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, अक्षय सिंह ठाकुर और मुकेश सिंह को फांसी पर लटकाया जाएगा। डेथ वारंट जारी होने के साथ ही दोषियों ने फांसी से बचने के लिए नए-नए पैंतरे आजमाने शुरू कर दिए हैं।

Nirbhaya Gang Rape Vinays Lawyer Pleaded Guilty To Hanging Himself After Death Warrant Was Issued :

इसी कड़ी में एक दोषी विनय कुमार शर्मा के वकील एपी सिंह ने कोर्ट में दावा किया है कि तिहाड़ जेल में उस पर हमला हुआ है और उसके सिर में चोट आई है। वह कुछ दिन भूख हड़ताल पर भी रहा है। इतना ही नहीं, वह मानसिक बीमारी से भी गुजर रहा है। ऐसे में नियमानुसार उसे फांसी नहीं दी जा सकती है। सुनवाई के दौरान वकील एपी सिंह के इस दावे पर कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से विनय पर खास ध्यान देने के लिए कहा है। बता दें कि इससे पहले कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान एपी सिंह ने वकील ने एक दोषी के साथ यौन शोषण का आरोप लगाया था। वकील ने दावा किया था कि दोषी के साथ जेल में यौन शोषण हुआ और उसके साथी को ही ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया।

वहीं, डेथ वारंट जारी होने के बाद जेल संख्या तीन की सुरक्षा बढ़ा दी है। जेल प्रशासन के आदेश पर ही बाहरी व्यक्ति को अंदर आने दिया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति जेल संख्या तीन जाने की बात कहता है तो सुरक्षाकर्मी इसकी जानकारी तुरंत मुख्यालय को देता है। साथ ही उस व्यक्ति से की गई बात का ब्योरा भी देता है। इसके बाद मुख्यालय व जेल संख्या तीन के अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद ही किसी को प्रवेश दिया जा रहा है।

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों के खिलाफ भले ही डेथ वारंट जारी हो गया है, लेकिन तीन मार्च को फांसी होने के आसार कम ही हैं। क्योंकि अभी तक दोषी पवन ने क्यूरेटिव पिटिशन दायर नहीं की है। इसके बाद पवन के पास दया याचिका का भी विकल्प है। वहीं दोषी अक्षय नए सिरे से दया याचिका दायर करने जा रहा है, क्योंकि पहले उसने अधूरे तथ्यों के साथ दया याचिका दायर कर दी थी। तिहाड़ जेल प्रशासन के मुताबिक, 3 मार्च को फांसी के मद्देजनर 29 फरवरी को मेरठ से जल्लाद पवन को बुला लिया जाएगा। पहले की तरह ही उसे तिहाड़ जेल में ही रखा जाएगा और वह कैंपस में बनी कैंटीन में ही खाना खाएगा।

नई दिल्ली। दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को हुए निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में चारों दोषियों के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीसरी बार डेथ वारंट जारी किया है। आगामी 3 मार्च को सुबह 6 बजे चारों दोषयों विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, अक्षय सिंह ठाकुर और मुकेश सिंह को फांसी पर लटकाया जाएगा। डेथ वारंट जारी होने के साथ ही दोषियों ने फांसी से बचने के लिए नए-नए पैंतरे आजमाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में एक दोषी विनय कुमार शर्मा के वकील एपी सिंह ने कोर्ट में दावा किया है कि तिहाड़ जेल में उस पर हमला हुआ है और उसके सिर में चोट आई है। वह कुछ दिन भूख हड़ताल पर भी रहा है। इतना ही नहीं, वह मानसिक बीमारी से भी गुजर रहा है। ऐसे में नियमानुसार उसे फांसी नहीं दी जा सकती है। सुनवाई के दौरान वकील एपी सिंह के इस दावे पर कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से विनय पर खास ध्यान देने के लिए कहा है। बता दें कि इससे पहले कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान एपी सिंह ने वकील ने एक दोषी के साथ यौन शोषण का आरोप लगाया था। वकील ने दावा किया था कि दोषी के साथ जेल में यौन शोषण हुआ और उसके साथी को ही ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया। वहीं, डेथ वारंट जारी होने के बाद जेल संख्या तीन की सुरक्षा बढ़ा दी है। जेल प्रशासन के आदेश पर ही बाहरी व्यक्ति को अंदर आने दिया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति जेल संख्या तीन जाने की बात कहता है तो सुरक्षाकर्मी इसकी जानकारी तुरंत मुख्यालय को देता है। साथ ही उस व्यक्ति से की गई बात का ब्योरा भी देता है। इसके बाद मुख्यालय व जेल संख्या तीन के अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद ही किसी को प्रवेश दिया जा रहा है। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों के खिलाफ भले ही डेथ वारंट जारी हो गया है, लेकिन तीन मार्च को फांसी होने के आसार कम ही हैं। क्योंकि अभी तक दोषी पवन ने क्यूरेटिव पिटिशन दायर नहीं की है। इसके बाद पवन के पास दया याचिका का भी विकल्प है। वहीं दोषी अक्षय नए सिरे से दया याचिका दायर करने जा रहा है, क्योंकि पहले उसने अधूरे तथ्यों के साथ दया याचिका दायर कर दी थी। तिहाड़ जेल प्रशासन के मुताबिक, 3 मार्च को फांसी के मद्देजनर 29 फरवरी को मेरठ से जल्लाद पवन को बुला लिया जाएगा। पहले की तरह ही उसे तिहाड़ जेल में ही रखा जाएगा और वह कैंपस में बनी कैंटीन में ही खाना खाएगा।