7 साल बाद निर्भया को मिला न्याय, दरिंदो को दी गई फांसी, निर्भया की मां बोली आज है निर्भया दिवस

Nirbhaya's mother
7 साल बाद निर्भया को मिला न्याय, दरिंदो को दी गई फांसी, निर्भया की मां बोली आज है निर्भया दिवस

नई दिल्ली। देश की बेटी निर्भया को आखिरकार 7 साल बाद न्याय मिल गया। निर्भया के चारों दोषियों विनय, पवन, अक्षय और मुकेश को आज सुबह साढ़े 5 बजे तिहाड़े जेल के अन्दर एक साथ फांसी पर लटका दिया गया। हालांकि बीती रात दोषियों के वकील एपी सिंह ने कानूनी दांव पेंच खेल कर फांसी टलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के साथ साथ साथ सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हे झटका ही मिला।

Nirbhaya Gets Justice After 7 Years Hanged To Poor Nirbhayas Mother Said Today Is Nirbhaya Day :

बता दें कि 16 दिसंबर साल 2012 को दिल्ली में एक बस के अन्दर इन चारो दरिंदो ने दो अन्य के साथ मिलकर निर्भया के साथ गैंगरेप किया था, यही नही दरिंदो ने बड़ी बेरहमी से उसकी हत्या करने का भी प्रयास किया था, हालांकि उस समय वह बच गयी थी लेकिन इलाज के दौरान उसने 29 दिसंबर को दम तोड़ दिया था। घटना की जानकारी होते ही पूरे देश में आन्दोलन शुरू हो गये थे और दिल्ली पुलिस ने जल्द ही सभी दोषियों को पकड़ लिया था। 6 दोषियों में एक नाबालिग निकल आया तो उसे बाल सुधार ग्रह भेज दिया गया था जबकि रामसिंह नाम के आरोपी ने फांसी की सजा होने के बाद जेल में ही आत्महत्या कर ली थी।

घटना के 7 साल 3 महीने और 3 दिन बीतने के बाद आखिरकार बचे चारों दोषियों को तिहाड़ जेल के फांसी घर में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी दे दी गई। निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया और फिर इनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।

निर्भया की मां आशा देवी ने बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। जब दोषियों को फांसी दी गई तो उन्होंने ऐलान किया कि 20 मार्च को वह निर्भया दिवस के रूप में मनाएंगी। आशा देवी का कहना है कि वह चुप चाप नही बैठंगी, अब देश की दूसरी बेटियों के लिए लड़ाई लड़ेंगी।

नई दिल्ली। देश की बेटी निर्भया को आखिरकार 7 साल बाद न्याय मिल गया। निर्भया के चारों दोषियों विनय, पवन, अक्षय और मुकेश को आज सुबह साढ़े 5 बजे तिहाड़े जेल के अन्दर एक साथ फांसी पर लटका दिया गया। हालांकि बीती रात दोषियों के वकील एपी सिंह ने कानूनी दांव पेंच खेल कर फांसी टलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के साथ साथ साथ सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हे झटका ही मिला। बता दें कि 16 दिसंबर साल 2012 को दिल्ली में एक बस के अन्दर इन चारो दरिंदो ने दो अन्य के साथ मिलकर निर्भया के साथ गैंगरेप किया था, यही नही दरिंदो ने बड़ी बेरहमी से उसकी हत्या करने का भी प्रयास किया था, हालांकि उस समय वह बच गयी थी लेकिन इलाज के दौरान उसने 29 दिसंबर को दम तोड़ दिया था। घटना की जानकारी होते ही पूरे देश में आन्दोलन शुरू हो गये थे और दिल्ली पुलिस ने जल्द ही सभी दोषियों को पकड़ लिया था। 6 दोषियों में एक नाबालिग निकल आया तो उसे बाल सुधार ग्रह भेज दिया गया था जबकि रामसिंह नाम के आरोपी ने फांसी की सजा होने के बाद जेल में ही आत्महत्या कर ली थी। घटना के 7 साल 3 महीने और 3 दिन बीतने के बाद आखिरकार बचे चारों दोषियों को तिहाड़ जेल के फांसी घर में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी दे दी गई। निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया और फिर इनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। निर्भया की मां आशा देवी ने बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। जब दोषियों को फांसी दी गई तो उन्होंने ऐलान किया कि 20 मार्च को वह निर्भया दिवस के रूप में मनाएंगी। आशा देवी का कहना है कि वह चुप चाप नही बैठंगी, अब देश की दूसरी बेटियों के लिए लड़ाई लड़ेंगी।