निर्दोष छात्रों को 12 साल बाद कोर्ट से मिला इंसाफ, दस लीटर की टंकी में डाला 11 लीटर तेल

Nirdosh Chatro Ko Court Se Mila 12 Saal Baad Insaf Tel Chori Ka Khel

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल पंपों पर घटतौली पर नकेल कसने के लिये स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ़) ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। कई पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई हुई कई सील कर दिये गए। पेट्रोल पंपों की कारगुजारियों का एक ताजा मामला सामने आया है, जहां दो निर्दोष छात्रों को फर्जीवाड़े के तहत जेल भेज दिया, पूरे मामले में पुलिस ने भी आंख बंदकर विवेचना की और चार्जशीट दाखिल कर दी। मामला सुनकर हर कोई दंग रह जाएगा। क्या आप यकीन करेंगे कि आपकी बाइक जिसकी टंकी में साढ़े दस लीटर तेल आता हो और उसमें साढ़े ग्यारह लीटर पेट्रोल भर दिया जाये। इस मामले में कुछ ऐसा ही हुआ।

ये है मामला—

साल 2005 में लखनऊ के रिंग रोड स्थित एसएसआर फिलिंग सेंटर पर मड़ियांव के भरतनगर में रहने वाले दो छात्र उपदेश जायसवाल और पवन सिंह 8 अगस्त को पेट्रोल भराने के लिये पहुंचे। पेट्रोल पंपकर्मी हरी नारायण का आरोप था कि दोनों ने 500 रुपये का पेट्रोल भराया और बिना पैसे दिये ही भागने लगे। पेट्रोल पंपकर्मी हरी नारायण ने इन्ही आरोपों के तहत मड़ियांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की और छात्रों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी।



कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई—-

इस मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील शैलेंद्र चतुर्वेदी ने आरटीआई के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से जानकारी मांगी। आरटीआई के जवाब में पता चला कि उस दौरान पेट्रोल की कीमत 43.21 रुपये थी और आरोपी बनाए गये उपदेश की सीडी डॉन बाइक की ईंधन छमता साढ़े दस लीटर है। मामले के शिकायतकर्ता हरी नारायण ने शिकायत में इस बात का जिक्र किया था कि छात्रों ने 500 रुपये का तेल भरवाया था। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में अपनी दलील देते हुए कहा कि उस दौरान छात्रों की बाइक में पहले से थोड़ा पेट्रोल मौजूद था, जबकि शिकायतकर्ता 500 रुपये का तेल डालने की बात कर रहे हैं। 500 रुपये के हिसाब से बाइक में साढ़े ग्यारह लीटर पेट्रोल आयेगा। वकील का तर्क सुनने के बाद एसीजेएम आजाद सिंह ने दोनों छात्रों को निर्दोष करार देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया।




इस पूरे मामले का फैसला 12 साल बाद हो सका, गौर करने वाली बात यह है कि दो निर्दोष छात्रों को पंपकर्मी की लापरवाही के चलते आरोपी बना दिया गया और पुलिस ने भी पूरे मामले की विवेचना पर गौर करना उचित नहीं समझा।



छात्रों की जुबानी—-

आरोपी बनाए गये छात्रों ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होने पंपकर्मी को 500 रुपये का नोट देते हुए 5 लीटर तेल भरने की बात कही थी, जिसके बाद बाकी पैसे मांगने पर उनसे कहा गया कि तेल पूरे 500 रुपये का डाल दिया गया है। छात्रों ने मामले की शिकायत मड़ियांव थाने में करने की कोशिश की। इसके बाद पंप मालिक ने छात्रों के खिलाफ ही साजिश रच डाली और उल्टा छात्रों पर ही फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया।




हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है। पेट्रोल पंप पर घटतौली खेल बदस्तूर जारी रहा और विरोध करने वालों के साथ कुछ ऐसा ही सलूक होता रहा। बीते एक महीने में एसटीएफ़ की कड़ी कार्रवाई के बाद तेल चोरी का खेल उगाजर होना शुरू हुआ, जिसके तहत लखनऊ के कई पंपों पर कार्रवाई की गयी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल पंपों पर घटतौली पर नकेल कसने के लिये स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ़) ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। कई पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई हुई कई सील कर दिये गए। पेट्रोल पंपों की कारगुजारियों का एक ताजा मामला सामने आया है, जहां दो निर्दोष छात्रों को फर्जीवाड़े के तहत जेल भेज दिया, पूरे मामले में पुलिस ने भी आंख बंदकर विवेचना की और चार्जशीट दाखिल कर दी। मामला सुनकर हर कोई दंग रह जाएगा।…