निषाद पार्टी के अलग होते ही सपा ने चली यह चाल, रामभुआल निषाद को गोरखपुर से बनाया प्रत्याशी

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निषाद पार्टी के अलग होते ही सपा ने चली यह चाल, रामभुआल निषाद को गोरखपुर से बनाया प्रत्याशी

लखनऊ। सपा पार्टी से हाथ मिलाने वाली निषाद पार्टी ने शुक्रवार को दूरी बना ली। दूरी बनाते ही वह सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। निषाद पार्टी को दूर देखते ही सपा ने गोरखपुर सीट पर एक बड़ा दाव लगा दिया है। शनिवार सपा ने गोरखपुर से रामभुआल निषाद को अपना प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतार दिया। रामभुआल निषाद के सपा में आने से वहां का चुनावी मुकाबला दिलचस्प होगा।

Nishad Party Chief Meets Cm Sp Prepares For Rambhalla From Gorakhpur :

लखनऊ भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सपा के विधान परिषद सदस्य चौधरी वीरेन्द्र सिंह, शामली के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान व कांधला ब्लॉक प्रमुख हरेंद्र चौहान को भाजपा के यूपी अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने सदस्यता दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

गोरखुपर के सांसद प्रवीण निषाद के भाजपा में शामिल होने की चर्चा थी लेकिन वह पार्टी कार्यालय नहीं पहुंचे। चर्चा है कि प्रवीण निषाद को भाजपा गोरखपुर से अपना प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर से रामभुआल निषाद को अपना प्रत्याशी बनाकर वहां का चुनावी मुकाबला दिलचस्प कर दिया है।

गौरतलब है कि अभी कुछ दिनों पहले ही निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की थी। हालांकि, शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के साथ संजय निषाद ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर राजनीतिक हालात पर चर्चा की। सीएम योगी से वार्ता में निषाद पार्टी के एनडीए में शामिल होने पर सहमति बनी। बतातें चलें कि संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद गोरखुपर से सपा सांसद हैं।

उपेक्षा का लगाया आरोप
संजय निषाद ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती पर उपेक्षा का आरोप लगाया। इसके बाद वह गठबंधन से अलग हो गये। उन्होंने कहा, जिस गठबंधन में मेरा नाम तक नहीं लिया जाता हो, उसमें रहने का कोई मतलब नहीं है।

लखनऊ। सपा पार्टी से हाथ मिलाने वाली निषाद पार्टी ने शुक्रवार को दूरी बना ली। दूरी बनाते ही वह सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। निषाद पार्टी को दूर देखते ही सपा ने गोरखपुर सीट पर एक बड़ा दाव लगा दिया है। शनिवार सपा ने गोरखपुर से रामभुआल निषाद को अपना प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतार दिया। रामभुआल निषाद के सपा में आने से वहां का चुनावी मुकाबला दिलचस्प होगा।

लखनऊ भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सपा के विधान परिषद सदस्य चौधरी वीरेन्द्र सिंह, शामली के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान व कांधला ब्लॉक प्रमुख हरेंद्र चौहान को भाजपा के यूपी अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने सदस्यता दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

गोरखुपर के सांसद प्रवीण निषाद के भाजपा में शामिल होने की चर्चा थी लेकिन वह पार्टी कार्यालय नहीं पहुंचे। चर्चा है कि प्रवीण निषाद को भाजपा गोरखपुर से अपना प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर से रामभुआल निषाद को अपना प्रत्याशी बनाकर वहां का चुनावी मुकाबला दिलचस्प कर दिया है।

गौरतलब है कि अभी कुछ दिनों पहले ही निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की थी। हालांकि, शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के साथ संजय निषाद ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर राजनीतिक हालात पर चर्चा की। सीएम योगी से वार्ता में निषाद पार्टी के एनडीए में शामिल होने पर सहमति बनी। बतातें चलें कि संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद गोरखुपर से सपा सांसद हैं।

उपेक्षा का लगाया आरोप
संजय निषाद ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती पर उपेक्षा का आरोप लगाया। इसके बाद वह गठबंधन से अलग हो गये। उन्होंने कहा, जिस गठबंधन में मेरा नाम तक नहीं लिया जाता हो, उसमें रहने का कोई मतलब नहीं है।