कश्मीर मुद्दे पर यूएनएससी की अनौपचारिक बैठक आज, बंद कमरे में होगी चर्चा

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नई दिल्ली। कश्मीर के हालिया घटनाक्रम को लेकर चीन के आग्रह पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यूएनएससी की आज शुक्रवार को एक अनौपचारिक बैठक होगी। जिसमे इस मसले पर परिषद के सदस्यों के बीच क्लोज्ड डोर में मंत्रणा होगी।

Nited Nations Security Council Unsc Meeting On Kashmir Issue Article 370 Over China Demand :

यह जानकारी सुरक्षा परिषद के एक राजनयिक ने दी। राजनयिक ने कहा कि चीन ने एक पत्र में बैठक बुलाने का आग्रह किया। चीन ने बुधवार को परिषद की अनौपचारिक परामर्श के दौरान इस संबंध में आग्रह किया था। राजनयिक ने बताया कि बैठक का प्रारूप क्लोज्ड डोर कंसल्टेशन समूह के सदस्यों के बीच मंत्रणा होगी।

जिसमें पाकिस्तान का शामिल होना नामुमकिन है। बंद कमरे की बैठक में गुप्त मंत्रणा की जाएगी जिसका प्रसारण नहीं किया जाएगा मतलबए संवाददाताओं की उसमें पहुंच नहीं होगी। राजनयिक ने बताया कि चीन चाहता था कि गुरुवार को ही इस मसले पर विचार विमर्श हो लेकिन पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार इस दिन कोई बैठक नहीं होने वाली थी इसलिए बैठक शुक्रवार को होगी।

राजनयिक ने कहा कि सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जोआना रोनेका का कार्यालय बैठक को लेकर काम कर रहा था कि कब बैठक का आयोजन किया जाए। भारत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त किए जाने के बाद पाकिस्तान ने यूएनएससी से कश्मीर मसले पर बैठक बुलाने की मांग की थी।

दरअसल अनुच्छेद 370 और 35ए के प्रावधानों के तहत ही जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त था। सुरक्षा परिषद में शामिल चीन को छोड़कर बाकी सभी चारों स्थायी सदस्यों ने प्रत्यक्ष तौर पर नई दिल्ली के इस रुख का समर्थन किया है कि यह विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला है।

अमेरिका ने भी कहा है कि कश्मीर के संबंध में हालिया घटनाक्रम भारत का आंतरिक मसला है। बुधवार को सीरिया और मध्य अफ्रीका के संबंध में विचार विमर्श था लेकिन चीन ने परिषद को पत्र लिखकर पाकिस्तान का मसला लाने का आग्रह किया।

नई दिल्ली। कश्मीर के हालिया घटनाक्रम को लेकर चीन के आग्रह पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यूएनएससी की आज शुक्रवार को एक अनौपचारिक बैठक होगी। जिसमे इस मसले पर परिषद के सदस्यों के बीच क्लोज्ड डोर में मंत्रणा होगी। यह जानकारी सुरक्षा परिषद के एक राजनयिक ने दी। राजनयिक ने कहा कि चीन ने एक पत्र में बैठक बुलाने का आग्रह किया। चीन ने बुधवार को परिषद की अनौपचारिक परामर्श के दौरान इस संबंध में आग्रह किया था। राजनयिक ने बताया कि बैठक का प्रारूप क्लोज्ड डोर कंसल्टेशन समूह के सदस्यों के बीच मंत्रणा होगी। जिसमें पाकिस्तान का शामिल होना नामुमकिन है। बंद कमरे की बैठक में गुप्त मंत्रणा की जाएगी जिसका प्रसारण नहीं किया जाएगा मतलबए संवाददाताओं की उसमें पहुंच नहीं होगी। राजनयिक ने बताया कि चीन चाहता था कि गुरुवार को ही इस मसले पर विचार विमर्श हो लेकिन पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार इस दिन कोई बैठक नहीं होने वाली थी इसलिए बैठक शुक्रवार को होगी। राजनयिक ने कहा कि सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जोआना रोनेका का कार्यालय बैठक को लेकर काम कर रहा था कि कब बैठक का आयोजन किया जाए। भारत द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त किए जाने के बाद पाकिस्तान ने यूएनएससी से कश्मीर मसले पर बैठक बुलाने की मांग की थी। दरअसल अनुच्छेद 370 और 35ए के प्रावधानों के तहत ही जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त था। सुरक्षा परिषद में शामिल चीन को छोड़कर बाकी सभी चारों स्थायी सदस्यों ने प्रत्यक्ष तौर पर नई दिल्ली के इस रुख का समर्थन किया है कि यह विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला है। अमेरिका ने भी कहा है कि कश्मीर के संबंध में हालिया घटनाक्रम भारत का आंतरिक मसला है। बुधवार को सीरिया और मध्य अफ्रीका के संबंध में विचार विमर्श था लेकिन चीन ने परिषद को पत्र लिखकर पाकिस्तान का मसला लाने का आग्रह किया।