निठारी कांड: दोषी सुरेन्द्र कोली को मिली 7वीं फांसी

गाजियाबाद। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में दोषी सुरेन्द्र कोली को सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को मौत की सजा सुनाई है। कोली को अदालत ने पिछले सुनवाई में ही दोषी करार दिया था, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को विशेष अदालत में जस्टिस पवन कुमार तिवारी की पीठ ने अंतिम फैसला सुनाया। अदालत का यह फैसला कोली पर दर्ज 16 मामलों में से एक मामले में आया है। इससे पहले उसे 6 मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।




कोली ने एक 11 साल की नाबालिग लडक़ी का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी, और उसके शव साथ दुष्कर्म किया था। सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि भारत के इतिहास में अपने आप में यह पहला ऐसा मामला है जिसमे किसी मुजरिम को अलग-अलग मामलों में सात बार फांसी की सजा हुई हो।




कोली पर कुल ऐसे 16 मामले दर्ज किए गये थे। 7 मामलों में कोर्ट ने कोली को फांसी की सजा सुना दी है, अभी इस कांड से संबंधित नौ मामले लंबित हैं जिनमें फैसला आना है। सात मामलों में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद आज पहली बार सुरेन्द्र कोली ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उसकी दलीलों को अदालत ने नहीं सुना। इसीलिए उसने सजा के कागजों पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। साथ ही उसका कहना कि मेरे जेल में होने के बावजूद भी शहर में अपहरण हुए हैं इसका जिम्मेदार कौन है।