कंकालों की कोठी और लाशों का बलात्कारी ‘कोली’, कुछ ऐसी है इस नरपिशाच की कहानी

नई दिल्ली। नाेएडा के बहुचर्चित निठारी कांड ने पूरे देश काे दहला दिया था। इस मामले में गाजियाबाद की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) की विशेष अदालत ने मनिन्दर सिंह पंढेर और सुरेन्द्र कोली को आज फांसी की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को फांसी के साथ 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया गया। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ लिखा है कि दोषी सुरेंद्र कोली अपने मालिक मनिंदर सिंह पंढेर की कोठी डी-5 में लड़कियों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर बुलाता, निर्दयी बनकर उनके साथ रेप करता, उनकी हत्या कर शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके फेंक देता। कई बार वह शव के साथ भी शारीरिक संबंध बनाता और उनके मांस को खाता था।

नेक्रोफीलिया नामक मानसिक बीमारी
बताया जाता है कि सुरेंद्र कोली नेक्रोफीलिया नामक मानसिक बीमारी से ग्रसित था। यह बीमारी दुनिया की सबसे खतरनाक सेक्स विकृति मानी जाती है। ग्रीक में ‘नेक्रो’ का मतलब ‘शव’ और ‘फीलिया’ का मतलब ‘प्यार’ होता है। इस तरह ‘नेक्रोफीलिया’ का मतलब ‘मरे हुए लोगों के साथ सेक्स करके आनंद हासिल करना’ होता है। इस विकृति से पीड़ित व्यक्ति शव के प्रति सेक्स आकर्षण महसूस करता है। वह पहले लड़की या औरत की हत्या करता, फिर उसके शव के साथ शारीरिक संबंध बनाता है।

नर पिशाच की खाैफनाक दास्तान
बता दें कि 5 अक्टूबर 2006 को पति से बताकर आनंदा देवी लोगों के घरों में झाडू-पोछा का काम करने के लिए गई थी। घर से जाते समय आनंदा ने पति से बताया कि वह काम से वापस लोटते समय सुरेंद्र कोली के घर से होकर आएगी। लेकिन उसके बाद नंदा देवी घर वापस नहीं लौटी। वह रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई उसका कहीं पता नहीं चला। उसके पति ने नोएडा के सेक्टर-20 थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

29 दिसंबर 2006: सुरेंद्र कोली को सिविल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई चौंकाने वाला खुलासा हुआ। घर के पास नाले में कई मानव नर कंकाल और खोपडिय़ां बरामद हुईं। उन मामलों में से नंदा देवी के भी कपड़े बरामद हुए जिसे उसके पति ने पहचाना। इन मामलों के बाद सुरेंद्र कोली के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। फिर इस मामले की जांच विशेष अदालत सीबीआई ने की। सीबीआई विचारण के बाद कोर्ट में करीब 50 गवाहों को कोली के खिलाफ पेश किया जबकि कोली की तरफ से मात्र एक गवाह को पेश किया गया था। लेकिन कोली के गुण दोष को देखते हुए कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई है।