निठारी कांड: नर पिशाच कोली-पंढेर को फांसी, ये थी खौफनाक दास्तान

गाजियाबाद। देश को झकझोर देने वाले निठारी कांड के दोषी मनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों को शनिवार को दोषी ठहराया था।

विशेष अदालत के न्यायाधीश पवन कुमार त्रिपाठी ने युवती के अपहरण, हत्या और दुष्कर्म तथा आपराधिक साजिश रचने के मामले में पंढेर और कोली के लिए सजा का ऐलान किया है। सीबीआई ने 29 दिसंबर, 2006 को यह मामला दर्ज किया था और यह निठारी कांड में दर्ज आठवां मामला है।

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ये था मामला—-

  • पांच अक्टूबर, 2006 को पीड़िता अपने कार्यालय से घर लौट रही थी।
  • पीड़िता निठारी में पंढेर के घर के सामने से गुजर रही थी।
  • कोली ने महिला की हत्या कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था और खोपड़ी घर के पिछले हिस्से में फेंक दी थी।
  • उसे सीबीआई ने बाद में बरामद किया था।

ये है आरोपी की दास्तान—

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  • साल 2003 में पंढेर के संपर्क में सुरेंद्र कोली आया।
  • उसके कहने पर नोएडा सेक्टर-31 के डी-5 कोठी में काम करने लगा।
  • पंढेर की कोठी में अक्सर कॉलगर्ल आया करती थीं, इस दौरान वह कोठी के गेट पर नजर रखता था।
  • कोली धीरे-धीरे नेक्रोफीलिया नामक मानसिक बीमारी से ग्रसित होता गया, बच्चों के प्रति आकर्षित होने लगा।
  • आरोप है कि वह कोठी से गुजरने वाले बच्चों को पकड़ कर उनके साथ कुकर्म करता और फिर उनकी हत्या कर देता था।

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