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नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा-70 साल के सबसे बुरे दौर में अर्थव्यवस्था

Niti Aayog Deputy Chairman Said Economy In Worst Phase In 70 Years

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। देश में अर्थव्यवस्था की सुस्ती दूर करने के लिए नीति आयोग ने अतिरिक्त कदम उठाने की वकालत की है। आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने गुरुवार को कहा कि सरकार को निजी क्षेत्र का डर खत्म करना होगा, ताकि वे निवेश को बढ़ावा दे सकें। राजीव कुमार ने कहा कि किसी ने भी पिछले 70 साल में ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया जब पूरी वित्तीय प्रणाली जोखिम में है। राजीव कुमार के मुताबिक नोटबंदी और जीएसटी के बाद कैश संकट बढ़ा है।

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राजीव कुमार ने कहा कि, वित्तीय क्षेत्र में जारी संकट का असर अब आर्थिक विकास पर भी दिखने लगा है। ऐसे में निजी क्षेत्र को निवेश क लिए प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है ताकि मध्य वर्ग की आमदनी में इजाफा हो सके। इसके साथ ही इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखेगा। उन्होंने कहा कि, पिछले 70 वर्षों में वित्तीय क्षेत्र की ऐसी हालत कभी नहीं रही है।

निजी क्षेत्रों में कोई किसी पर भरोसा नहीं कर रहा है। हर क्षेत्र में नकदी और पैसों का जमा किया जाने लगा है। इन पैसों को बाजार में लाने के लिए सरकार को अतिरिक्त कदम उठाने होंगे। राजीव कुमार ने कहा कि, नोटबंदी, जीएसटी और आईबीसी (दीवालिया कानून) के बाद हालात बदल गए हैं। राजीव कुमार ने कहा कि, मौजूदा वित्तीय संकट की शुरुआत 2009—14 तक बांटे गए कर्ज की वजह से हुई है। इस दौरान दिए गए बहुत से कर्ज एनपीए हो गए और बैंकों की नए कर्ज देने की क्षमता कम हो गई।

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