नितिन गडकरी ने निर्मला सीतारमण के ओला-उबर वाले बयान का किया बचाव

नितिन गडकरी ने लॉन्च किया गाय के गोबर से बना साबुन और बांस की बोतल
नितिन गडकरी ने लॉन्च किया गाय के गोबर से बना साबुन और बांस की बोतल

नई दिल्ली। वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण के उस बयान, जिसमें उन्होने कहा था कि देश में आटो सेक्टर में आई मंदी की मुख्य वजह ओला—उबर है। उनके उस बयान का जिक्र करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि लोगों के सामने बयान की गलत व्याख्या की गई है।

Nitin Gadkari Defends Nirmala Sitharamans Hailstorm :

बता दें कि केंद्रीय मंत्री बुधवार को बीएस 6 कंप्लेंट होंडा एक्टिवा 125 स्कूटर के लॉन्च के मौके पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होने कहा कि मंदी के कई कारण हैं। यही नहीं उन्होने कहा कि ऑटो उद्योग के महीने-दर-महीने हतोत्साहित होने के कई अन्य कारण है। उदाहरण के तौर पर उन्होने कहा कि ई-रिक्शा की बिक्री होने पर ऑटो रिक्शा की बिक्री धीमी हुई। यहीं नहीं सार्वजनिक परिवहन में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि वित्त मंत्री ने कहा कि मंदी के कई कारण हैं और ओला-उबर उन कारणों में से एक है।

अपनी बात रखते हुए उन्होने कहा कि उद्योग जगत सरकार से अनुरोध कर रहा है कि ऑटो क्षेत्र में मांग को पुनर्जीवित करने के लिए अस्थायी बढ़ावा दिया जाए। उद्योग जगत ने जीएसटी में दर में 10 फीसदी की कटौती की मांग की गई है।

नई दिल्ली। वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण के उस बयान, जिसमें उन्होने कहा था कि देश में आटो सेक्टर में आई मंदी की मुख्य वजह ओला—उबर है। उनके उस बयान का जिक्र करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि लोगों के सामने बयान की गलत व्याख्या की गई है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री बुधवार को बीएस 6 कंप्लेंट होंडा एक्टिवा 125 स्कूटर के लॉन्च के मौके पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होने कहा कि मंदी के कई कारण हैं। यही नहीं उन्होने कहा कि ऑटो उद्योग के महीने-दर-महीने हतोत्साहित होने के कई अन्य कारण है। उदाहरण के तौर पर उन्होने कहा कि ई-रिक्शा की बिक्री होने पर ऑटो रिक्शा की बिक्री धीमी हुई। यहीं नहीं सार्वजनिक परिवहन में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि वित्त मंत्री ने कहा कि मंदी के कई कारण हैं और ओला-उबर उन कारणों में से एक है। अपनी बात रखते हुए उन्होने कहा कि उद्योग जगत सरकार से अनुरोध कर रहा है कि ऑटो क्षेत्र में मांग को पुनर्जीवित करने के लिए अस्थायी बढ़ावा दिया जाए। उद्योग जगत ने जीएसटी में दर में 10 फीसदी की कटौती की मांग की गई है।