कभी संभली तो कभी डगमगाती रही परिवर्तन रैली

सुल्तानपुर: भाजपा की बहुप्रतीक्षित परिवर्तन यात्रा रैली गुरुवार को संपन्न हो गई। मगर आयोजन की तैयारी कभी संभली तो कभी डगमगाती रही। कार्यक्रम के शुरुआत में ही बताया गया था कि आयोजन में मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह होंगे उनके साथ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व अन्य भारी भरकम नेताओं के आने की बात कही गई थी। इसके खातिर काशी प्रांत पदाधिकारियों की कई बैठकें जिले में हुईं। स्थानीय संगठन के पदाधिकारी भी दर्जनों बार तैयारियों के लिए बैठे। मगर अचानक आने वाले नेताओं के नाम वाली सूची बदल गई। जिसके चलते रैली पर भी खासा असर दिखाई पड़ा।




जब कार्यक्रम तय हुआ था तो बड़ा मैदान तलाशा गया। 2014 में पार्टी के कद्दावर नेता नितिन गडकरी भाजपा के वरिष्ठ नेता वरुण गांधी के साथ शहर के खुर्शीद क्लब में पहली बार आए थे। अनुमान था कि उससे ज्यादा भीड़ इस बार होगी। इस नाते रैली स्थल के रूप में आवास विकास का मैदान तय हुआ। बड़ा मंच बनाने सजाने की के लिए वाराणसी से टेंट और साउंड सिस्टम के लिए इलाहाबाद से व्यवस्था कराई गई। मगर बीते सप्ताह रैली में शामिल होने वाले भाजपा राष्ट्रीय और प्रदेश के नेताओं के नाम की सूची जैसे ही बदली। तैयारी भी डगमगाने लगी।




पार्टी के एक पदाधिकारी की मानें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम रद होने के बाद इस रैली को संक्षिप्त कर दिया गया। जहां पचास हजार कुर्सियां पड़नी थीं वहां पंद्रह हजार डाली गई। चूंकि अधिकांश टिकटार्थियों ने भी तैयारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने लाव.लश्कर के साथ पहुंचने की की थी। ऐसे में वाहनों का रेला तो खूब आया। पर वह दो लाख की भीड़ नहीं दिखी जिसका दावा आयोजकों ने शुरू से किया था। कुर्सियों का एक बड़ा हिस्सा खाली था।

सुल्तानपुर से बृजेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट