​पाकिस्तान को मुफ्त बिहार देने वाले काटजू पर भड़के सीएम ​नीतीश, दर्ज हुआ मामला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके जस्टिस मार्कडेय काटजू पाकिस्तान को कश्मीर के साथ बिहार मुफ्त देने का आॅफर देकर विवादों में फंस गए हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने एक ओर जस्टिस काटजू की आलोचना की तो वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी जदयू के एक एमएलसी ने जस्टिस काटजू के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जस्टिस काटजू के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

ऐसा नहीं है कि जस्टिस काटजू का यह कोई पहला लेख हो जिसे लेकर वे विवादों में हैं, लेकिन इस बार जस्टिस काटजू को उनके पोस्ट के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल जस्टिस काटजू ने लिखा है कि पाकिस्तान को अगर कश्मीर चाहिए तो उसे बिहार भी साथ में लेना होगा अगर वह बिहार नहीं लेता तो उसे कश्मीर भी नहीं मिलेगा।




पटना विधानसभा के एमएलसी और जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने पटना के शा​स्त्रीनगर पुलिस स्टेशन में जस्टिस काटजू के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। उनका आरोप है कि जस्टिस काटजू देश के लोगों के बीच कश्मीर और बिहार के खिलाफ घृणा फैलाने का काम कर रहे हैं। यह देश की अखंडता पर प्रहार करने जैसा ही है। अपनी शिकायत के साथ उन्होंने जस्टिस काटजू के फेसबुक पोस्ट का प्रिन्ट आउट भी पुलिस को सौंपा है।

जस्टिस काटजू का लेख सुर्खियों में आने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने उन पर​ निशाना साधते हुए कहा है कि वे नहीं जानते कि बिहार का इतिहास कितना बड़ा है। यही पटना कभी पाटलीपुत्र रहा है। कभी बिहार के ही नालंदा विश्वविद्यालय ने दुनिया को शिक्षित किया था। जाने ये कैसे लोग हैं जो कुछ भी अनाप शनाप बातें कर देतें हैं। इन्हें अपनी मर्यादा का खयाल नहीं रहता। छपने की आदत के चलते लोग बिहार के माई बाप तक बन जाते हैं।




वहीं बिहार के डिप्टी सीएम तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर कहा है कि बिहार में आज भले ही संसाधनों की कमी है, लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि बिहार ने देश को बहुत कुछ दिया है। इसके अलावा बिहार बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में ​नीतीश कुमार की चुटकी लेते हुए कहा कि इसका जवाब नीतीश कुमार से ही लेना चाहिए क्योंकि ये वही जस्टिस काटजू हैं जो कुछ महीनों पहले नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री और अरविन्द केजरीवाल में उप प्रधानमंत्री बनने की संभावनाएं तलाश कर रहे थे।

अपनी फेसबुक पोस्ट पर खड़े हुए विवाद पर जस्टिस काटजू ने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि उनका लेख मजाकिया था, जिसे कुछ लोगों ने गंभीरता से ले लिया है। उनका मकसद किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था।




आपको बता दें कि जस्टिस मार्कडेय काटजू स्वयं कश्मीरी पंडित हैं और वह कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता अपने विचार फेसबुक और ब्लॉग्स के माध्यम से सार्वजनिक करते रहे हैं। इसके अलावा वे न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार, भारतीय राजनीति, राजनेताओं और गौमांस जैसे ज्वलंत मुद्दे पर अपनी रॉय सार्वजनिक करते रहे हैं।