नीतीश कुमार के बीजेपी से हाथ मिलाने पर जेडीयू में बगावत के सुर, लालू ने भी भरी हुंकार

जनता दल (युनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार गुरुवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ बनने वाली उनकी सरकार को राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी सुबह 10 बजे शपथ दिलाई। जेडीयू सुप्रीमो ने छठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर रिकॉर्ड बनाया है। नीतीश कुमार के बाद बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने राज्य के डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। गुरुवार को हुए शपथ ग्रहण सामरोह में दो ही नेताओं ने शपथ ली।

बुधवार की शाम नीतीश के इस्तीफा के बाद 20 महीने से चल रही महागठबंधन की सरकार गिर गई थी। इसके बाद बुधवार की देर रात नीतीश कुमार को जद (यू) और भाजपा संयुक्त विधायक दल का नेता चुन लिया गया। नीतीश ने देर रात ही नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलकर भाजपा, जद (यू), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, लोक जन शक्ति पार्टी के विधानसभा सदस्यों के अतिरिक्त दो निर्दलीय विधानसभा सदस्यों सहित कुल 131 विधायकों के समर्थन का पत्र प्रस्तुत किया था। 28 जुलाई को नीतीश कुमार को विधानसभा के विशेष सत्र में बहुमत साबित करना है।

नीतीश के शपथ लेने के कुछ देर बाद ही लालू यादव ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के संबंध में मामला दर्ज कराने के लिए नीतीश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर ‘साजिश रची।’ लालू ने नीतीश कुमार को ‘भस्मासुर’ बताते हुए कहा, “मेरी पार्टी के राज्य में अकेले सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद मैंने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। मैं स्वार्थी नहीं था।”