सड़क निर्माण परियोजनाओं को लेकर ​नितीश और मोदी सरकार में तनातनी

नई दिल्ली। बिहार में सड़क निर्माण परियोजनाओं को लेकर नीतीश सरकार और मोदी सरकार में मतभेद हो गया है। नीतीश ने केन्द्रिय सड़क एवं परिवहन मंत्री के बयानों को झूठा साबित करते हुए कहा कि नितिन गडकरी ने बिहार में दो लाख करोड़ रूपए की परियोजनाओं की बात कही थी कि हकीकत में ऐसा कुछ नही है। नी​तीश के इस बयान के बाद राज्य और केन्द्र सरकार में ठन गई है।

Nitish Kumar Rebuttal To Nitin Gadkari Claims On Road Construction Projects :

बिहार पथ निर्माण विभाग की ओर से बताया गया कि यहां सिर्फ 54 हजार 700 करोड़ रुपये की ही सड़क परियोजनाएं ही संचालित हो रही है। इन योजनाओं की प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2015 में विशेष पैकेज के तौर पर घोषणा की थी। नीतीश ने नितिन गडकरी के उस बयान को झूठा करार दिया है कि जिसमें उन्होने कहा था कि राज्य सरकार सड़क निर्माण के लिए जमीन देने में देर कर रही है।

विभाग द्वारा जारी प्रेसनोट में कहा कि सिर्फ चार परियोजनाए ऐसी हैं जिसमें जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, बाकि अन्य परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार ने जमीन मुहैया करा दी है। ऊधर राज्य की विपक्षी पार्टी आरजेडी ने इसे बीजेपी और जनता दल (यू) के बीच आपसी खींचतान करार दिया है। उसका कहना है कि राज्य और केन्द्र सरकार के बीच कुछ भी ठीक नही चल रहा है।

बता दें कि राज्य में कुल 82 में से 47 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिसमें 10 परियोजनाएं टेंडर स्वीकृति की स्थिति में है, जबकि 25 परियोजानाओं का डीपीआर बन रहा है। इसमें से 18 परियोजनाओं का डीपीआर पथ निर्माण विभाग को 31 अगस्त 2018 तक बनाना है।

नई दिल्ली। बिहार में सड़क निर्माण परियोजनाओं को लेकर नीतीश सरकार और मोदी सरकार में मतभेद हो गया है। नीतीश ने केन्द्रिय सड़क एवं परिवहन मंत्री के बयानों को झूठा साबित करते हुए कहा कि नितिन गडकरी ने बिहार में दो लाख करोड़ रूपए की परियोजनाओं की बात कही थी कि हकीकत में ऐसा कुछ नही है। नी​तीश के इस बयान के बाद राज्य और केन्द्र सरकार में ठन गई है। बिहार पथ निर्माण विभाग की ओर से बताया गया कि यहां सिर्फ 54 हजार 700 करोड़ रुपये की ही सड़क परियोजनाएं ही संचालित हो रही है। इन योजनाओं की प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2015 में विशेष पैकेज के तौर पर घोषणा की थी। नीतीश ने नितिन गडकरी के उस बयान को झूठा करार दिया है कि जिसमें उन्होने कहा था कि राज्य सरकार सड़क निर्माण के लिए जमीन देने में देर कर रही है। विभाग द्वारा जारी प्रेसनोट में कहा कि सिर्फ चार परियोजनाए ऐसी हैं जिसमें जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, बाकि अन्य परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार ने जमीन मुहैया करा दी है। ऊधर राज्य की विपक्षी पार्टी आरजेडी ने इसे बीजेपी और जनता दल (यू) के बीच आपसी खींचतान करार दिया है। उसका कहना है कि राज्य और केन्द्र सरकार के बीच कुछ भी ठीक नही चल रहा है। बता दें कि राज्य में कुल 82 में से 47 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिसमें 10 परियोजनाएं टेंडर स्वीकृति की स्थिति में है, जबकि 25 परियोजानाओं का डीपीआर बन रहा है। इसमें से 18 परियोजनाओं का डीपीआर पथ निर्माण विभाग को 31 अगस्त 2018 तक बनाना है।