नितीश कुमार बोले- मजदूरों के पलायन से फेल हो सकता है PM का लॉकडाउन

nitish kumar
नितीश कुमार बोले- मजदूरों के पलायन से फेल हो सकता है PM का लॉकडाउन

पटना: देश में कोरोना से संक्रमित मरीजो की संख्या लगातार बढ़ती चली जा रही है, ​पीएम मोदी की घोषण के बाद देश को 14 अप्रैल तक लॉक डाउन किया गया है। लेकिन इस दौरान देखा गया है कि काम काज बंद होने और खाने, रहने की समस्याओं के चलते लोग पलायन करने लगे है। जो मजदूर दूसरे प्रदेशों में रहते थे, इस महामारी के बाद आयी समस्याओं की वजह से वो अपने प्रदेश वापस आ रहे हैं। यूपी और दिल्ली सरकार ने भी बसों का प्रबंध कर उन्हे घर भेजना शुरू कर दिया है। लेकिन इस पहल पर बिहार के मुख्यमंत्री नी​तीश कुमार ने नाराजगी जाहिर की है।

Nitish Kumar Said Pms Lockdown May Fail Due To Labor Exodus :

​नीतीश कुमार ने कहा कि दिल्ली से या कहीं और से लोगों को बुलाने से समस्या और बढ़ेगी। बिहार सरकार चाहती है कि जो जहां है वहीं उनके रहने खाने की व्यवस्था की जाए। बसों से लोगो को बुलाने से लॉकडाउन का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। नीतीश कुमार का नाराज होना भी जायज है, दरअसल कोरोना वायरस में लोगों को दूरिया बनाने की हिदायत दी गयी है लेकिन बसों में लोगों को भरकर लाया जा रहा है, दूसरी बात ये है कि बाहरी लोगों के गांव आने से पूरे गांव में संक्रमण फैलने का खतरा है।

बता दें कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या 900 के पार पंहुच चुकी है। देशभर में लागू लॉकडाउन के चलते हजारों मजदूर पैदल ही अपने घरों की ओर कूच कर रहे हैं। भारी संख्या में पलायन कर रहे मजदूर और श्रमिक हाईवे पर फंसे हैं। इस बीच यूपी और दिल्ली सरकार ने बसों के जरिए लोगों को पहुंचाने की व्यवस्था की है।

पटना: देश में कोरोना से संक्रमित मरीजो की संख्या लगातार बढ़ती चली जा रही है, ​पीएम मोदी की घोषण के बाद देश को 14 अप्रैल तक लॉक डाउन किया गया है। लेकिन इस दौरान देखा गया है कि काम काज बंद होने और खाने, रहने की समस्याओं के चलते लोग पलायन करने लगे है। जो मजदूर दूसरे प्रदेशों में रहते थे, इस महामारी के बाद आयी समस्याओं की वजह से वो अपने प्रदेश वापस आ रहे हैं। यूपी और दिल्ली सरकार ने भी बसों का प्रबंध कर उन्हे घर भेजना शुरू कर दिया है। लेकिन इस पहल पर बिहार के मुख्यमंत्री नी​तीश कुमार ने नाराजगी जाहिर की है। ​नीतीश कुमार ने कहा कि दिल्ली से या कहीं और से लोगों को बुलाने से समस्या और बढ़ेगी। बिहार सरकार चाहती है कि जो जहां है वहीं उनके रहने खाने की व्यवस्था की जाए। बसों से लोगो को बुलाने से लॉकडाउन का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। नीतीश कुमार का नाराज होना भी जायज है, दरअसल कोरोना वायरस में लोगों को दूरिया बनाने की हिदायत दी गयी है लेकिन बसों में लोगों को भरकर लाया जा रहा है, दूसरी बात ये है कि बाहरी लोगों के गांव आने से पूरे गांव में संक्रमण फैलने का खतरा है। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या 900 के पार पंहुच चुकी है। देशभर में लागू लॉकडाउन के चलते हजारों मजदूर पैदल ही अपने घरों की ओर कूच कर रहे हैं। भारी संख्या में पलायन कर रहे मजदूर और श्रमिक हाईवे पर फंसे हैं। इस बीच यूपी और दिल्ली सरकार ने बसों के जरिए लोगों को पहुंचाने की व्यवस्था की है।