अंधकार में है देश के 37 प्रतिशत स्‍कूलों के नौनिहाल, यूपी का हाल बेहाल

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अंधकार में है देश के 37 प्रतिशत स्‍कूलों के नौनिहाल, यूपी का है ये हाल

नई दिल्ली। एक तरफ देश की सत्ताधारी मोदी सरकार हर घर में बिजली पहुंचाने का दावा कर रही है, तो वहीं आंकड़े कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। एकीकृत जिला शिक्षा प्रणाली(यूडीआईएसई) के साल 2017-19 के आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि भारत के करीब 37 प्रतिशत स्‍कूलों में आज भी बिजली उपलब्ध नहीं है। इस बात से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है, जब देश के नौनिहालों का भविष्य ही अंधकार में है तो तरक्की कहां से होगी। आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा स्थिति खराब असम राज्य की है, वहीं उत्तर प्रदेश भी बिजली संकट से अछूता नहीं रहा।

No Electricity Connection In 37 Percent Schools Of India :

यूडीआईएसई की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी देश के 37 प्रतिशत स्कूल बिजली के बिना चल रहे हैं, मतलब 63.14 स्कूलों में ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। हालांकि इस मामले पर मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का कहना है कि दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ के अंतर्गत गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाई जाती है। ऐसे स्कूल जिन्हें बिजली कनेक्शन की आवश्यकता है, वे राज्य विद्युत युटिलिटी से संपर्क कर सकते हैं और बिजली सेवा कनेक्शन मौजूदा नियमों के तहत राज्य विद्युत युटिलीटी द्वारा लगाया जाता है।

बताते चलें कि स्कूलों में बिजली के मामले में दिल्ली की स्थिति काफी बेहतर है। दिल्ली में 99.93 प्रतिशत स्कूलों में बिजली उपलब्‍ध है। वहीं, लक्षद्वीप, चंडीगढ़ और दादरा और नगर हवेली के सभी स्कूलों में बिजली है।

ये हैं राज्यों के आंकड़े

मेघालय- 26.34 प्रतिशत
बिहार- 45.82 प्रतिशत
मध्य प्रदेश- 32.85 प्रतिशत
मणिपुर- 42.08 प्रतिशत
ओडिशा- 36.05 प्रतिशत
त्रिपुरा- 31.11 प्रतिशत
आंध्रप्रदेश- 92.8 प्रतिशत
छत्तीसगढ़- 70.38 प्रतिशत
गोवा- 99.54 प्रतिशत
गुजरात- 99.91 प्रतिशत
हरियाणा- 97.52 प्रतिशत
हिमाचल प्रदेश- 92.09 प्रतिशत
केरल- 96.91 प्रतिशत
महाराष्ट्र- 85.83 प्रतिशत
झारखंड- 47.46 प्रतिशत
जम्मू कश्मीर- 36.63 प्रतिशत
पुदुचेरी- 99.86 प्रतिशत
पंजाब- 99.55 प्रतिशत
राजस्थान- 64.02 प्रतिशत
तमिलनाडु- 99.55 प्रतिशत
तेलंगाना- 89.89 प्रतिशत
उत्तर प्रदेश- 44.76 प्रतिशत
उत्तराखंड- 75.28 प्रतिशत
पश्चिम बंगाल- 85.59 प्रतिशत

नई दिल्ली। एक तरफ देश की सत्ताधारी मोदी सरकार हर घर में बिजली पहुंचाने का दावा कर रही है, तो वहीं आंकड़े कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। एकीकृत जिला शिक्षा प्रणाली(यूडीआईएसई) के साल 2017-19 के आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि भारत के करीब 37 प्रतिशत स्‍कूलों में आज भी बिजली उपलब्ध नहीं है। इस बात से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है, जब देश के नौनिहालों का भविष्य ही अंधकार में है तो तरक्की कहां से होगी। आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा स्थिति खराब असम राज्य की है, वहीं उत्तर प्रदेश भी बिजली संकट से अछूता नहीं रहा। यूडीआईएसई की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी देश के 37 प्रतिशत स्कूल बिजली के बिना चल रहे हैं, मतलब 63.14 स्कूलों में ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। हालांकि इस मामले पर मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का कहना है कि दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ के अंतर्गत गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाई जाती है। ऐसे स्कूल जिन्हें बिजली कनेक्शन की आवश्यकता है, वे राज्य विद्युत युटिलिटी से संपर्क कर सकते हैं और बिजली सेवा कनेक्शन मौजूदा नियमों के तहत राज्य विद्युत युटिलीटी द्वारा लगाया जाता है। बताते चलें कि स्कूलों में बिजली के मामले में दिल्ली की स्थिति काफी बेहतर है। दिल्ली में 99.93 प्रतिशत स्कूलों में बिजली उपलब्‍ध है। वहीं, लक्षद्वीप, चंडीगढ़ और दादरा और नगर हवेली के सभी स्कूलों में बिजली है।

ये हैं राज्यों के आंकड़े

मेघालय- 26.34 प्रतिशत बिहार- 45.82 प्रतिशत मध्य प्रदेश- 32.85 प्रतिशत मणिपुर- 42.08 प्रतिशत ओडिशा- 36.05 प्रतिशत त्रिपुरा- 31.11 प्रतिशत आंध्रप्रदेश- 92.8 प्रतिशत छत्तीसगढ़- 70.38 प्रतिशत गोवा- 99.54 प्रतिशत गुजरात- 99.91 प्रतिशत हरियाणा- 97.52 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश- 92.09 प्रतिशत केरल- 96.91 प्रतिशत महाराष्ट्र- 85.83 प्रतिशत झारखंड- 47.46 प्रतिशत जम्मू कश्मीर- 36.63 प्रतिशत पुदुचेरी- 99.86 प्रतिशत पंजाब- 99.55 प्रतिशत राजस्थान- 64.02 प्रतिशत तमिलनाडु- 99.55 प्रतिशत तेलंगाना- 89.89 प्रतिशत उत्तर प्रदेश- 44.76 प्रतिशत उत्तराखंड- 75.28 प्रतिशत पश्चिम बंगाल- 85.59 प्रतिशत