लखनऊ: हाउस टैक्स ना जमा करने से हो सकती है ये सेवायें ठप

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लखनऊ: हाउस टैक्स ना जमा करने से हो सकती है ये सेवायें ठप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर निगम सीमा में कुल 5.49 लाख भवन हैं लेकिन आपको जानकार यह आश्चर्य होगा कि इनमें से तीन लाख भवनों से हाउस टैक्स न के बराबर रहता है। वहीं नगर निगम ने ताजा रिपोर्ट तैयार की है जिसमें पांच प्रतिशत विवादित मामले हैं, जबकि बाकी मकान मालिक हाउस टैक्स नहीं जमा करते हैं। पिछले वर्ष तो सिर्फ 41 प्रतिशत लखनऊ निवासीयों ने टैक्स जमा किया था।

No House Tax No Facilities :

बता दें कि सबसे कम हाउस टैक्स पुराने लखनऊ के लोग जमा करते हैं। नगर निगम के जोन-एक क्षेत्र में 22 प्रतिशत भवनों से ही टैक्स जमा होता है तो वहीं पुराने लखनऊ से जुड़े जोन छह में तो वसूली घट कर 16 प्रतिशत हो गयी है। ऐशबाग व उससे जुड़े इलाके वाले जोन दो में भी टैक्स 20 प्रतिशत ही जमा होता है। हाउस टैक्स न जमा करने से इन इलाकों के निवासियों को सीवर और जलकर की सुविधा नहीं मिल पाती है।

रिपोर्ट के अनुसार राजधानी के जोन चार यानि गोमतीनगर इलाके के निवासी हाउस टैक्स जमा करने में सबसे आगे हैं। यहां 80 से 85 प्रतिशत भवनों का हाउस टैक्स जमा होता है। वहीं, इंदिरानगर और विकास नगर से जुड़े इलाके वाले जोन सात में भी 70 प्रतिशत मकान मालिक ही हाउस टैक्स जमा करते हैं।

कुछ ऐसा ही हाल कानपुर रोड एलडीए कालोनी, रायबरेली रोड और आशियाना कालोनी से जुड़े इलाकों वाले जोन आठ का भी है। शहर के आलमबाग इलाके और उससे जुड़े इलाकों में तो 55 से 60 प्रतिशत ही मकान मालिक हाउस टैक्स जमा करते हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर निगम सीमा में कुल 5.49 लाख भवन हैं लेकिन आपको जानकार यह आश्चर्य होगा कि इनमें से तीन लाख भवनों से हाउस टैक्स न के बराबर रहता है। वहीं नगर निगम ने ताजा रिपोर्ट तैयार की है जिसमें पांच प्रतिशत विवादित मामले हैं, जबकि बाकी मकान मालिक हाउस टैक्स नहीं जमा करते हैं। पिछले वर्ष तो सिर्फ 41 प्रतिशत लखनऊ निवासीयों ने टैक्स जमा किया था। बता दें कि सबसे कम हाउस टैक्स पुराने लखनऊ के लोग जमा करते हैं। नगर निगम के जोन-एक क्षेत्र में 22 प्रतिशत भवनों से ही टैक्स जमा होता है तो वहीं पुराने लखनऊ से जुड़े जोन छह में तो वसूली घट कर 16 प्रतिशत हो गयी है। ऐशबाग व उससे जुड़े इलाके वाले जोन दो में भी टैक्स 20 प्रतिशत ही जमा होता है। हाउस टैक्स न जमा करने से इन इलाकों के निवासियों को सीवर और जलकर की सुविधा नहीं मिल पाती है। रिपोर्ट के अनुसार राजधानी के जोन चार यानि गोमतीनगर इलाके के निवासी हाउस टैक्स जमा करने में सबसे आगे हैं। यहां 80 से 85 प्रतिशत भवनों का हाउस टैक्स जमा होता है। वहीं, इंदिरानगर और विकास नगर से जुड़े इलाके वाले जोन सात में भी 70 प्रतिशत मकान मालिक ही हाउस टैक्स जमा करते हैं। कुछ ऐसा ही हाल कानपुर रोड एलडीए कालोनी, रायबरेली रोड और आशियाना कालोनी से जुड़े इलाकों वाले जोन आठ का भी है। शहर के आलमबाग इलाके और उससे जुड़े इलाकों में तो 55 से 60 प्रतिशत ही मकान मालिक हाउस टैक्स जमा करते हैं।