विवाहित महिला 500, अविवाहित 250 और पुरुष रख सकता है मात्र 100 ग्राम सोना

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद देशभर में मची अफरा-तफरी से अभी लोग उबर नहीं पा रहे हैं कि सरकार ने सोना और ज्वैलरी रखने के नियम पर अपनी सफाई में लोगों को यह भी याद दिला दिया कि उन्हें कितना सोना और आभूषण रखने का अधिकार है। इससे लोगों में बेचैनी बढ़ना स्वाभाविक है। क्योंकि जिस तरह सरकार ने नियम की व्याख्या की है उससे एक संदेश जरूर गया कि लोगों के पास जो आभूषण और सोना है उसका सबूत भी होना जरूरी है।




इससे पुश्तैनी, कृषि आय या बचत से सोना खरीदने वाले लोग सवाल करने लगे हैं। क्योंकि जिन लोगों के पास 15-20 साल पुराने आभूषण या सोना रखा है और रसीद नहीं है तो उसका क्या होगा। क्या उसे आयकर विभाग ले जाएगा। क्योंकि आम तौर पर लोग रसीद आदि संभालकर नहीं रखते। सिर्फ शादी के घरों में दुल्हन के गहनों की खरीद के वक्त ही रसीदें रखी जाती हैं। अंदेशा यह है कि कहीं नोटबंदी जैसी अफरातरफरी अब सोने को लेकर भी न फैल जाए।

सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि संशोधित कर कानून के तहत पैतृक आभूषण और स्वर्ण पर कोई कर नहीं लगेगा। इसके साथ ही घोषित आय या कृषि आय से खरीदे गए सोने पर भी कोई कर नहीं लगाया जाएगा।लोकसभा ने इस सप्ताह की शुरुआत में कराधान कानून (दूसरा संशोधन) विधेयक को पारित कर दिया। इसमें कर अधिकारियों द्वारा तलाशी और जब्ती के दौरान खोजी गई अघोषित संपत्ति पर 85 प्रतिशत कर और जुर्माने का प्रावधान है। संशोधित कानून के दायरे में आभूषणों को भी शामिल किए जाने संबंधी अफवाहों को दूर करते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि सरकार ने आभूषण पर कर लगाने के संदर्भ में कोई नया प्रावधान नहीं जोड़ा है।

सीबीडीटी ने कहा, ‘‘घोषित आय या कृषि आय जैसी छूट प्राप्त आय अथवा उपयुक्त घरेलू बचत अथवा विरासत में मिले आभूषण या सोना जिसके बारे में आय स्रेत की जानकारी है, की खरीद पर न तो मौजूदा प्रावधान और न ही प्रस्तावित संशोधित प्रावधानों के तहत कर लगाया जाएगा।’ विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयकर विभाग द्वारा तलाशी अभियान के दौरान अगर विवाहित महिला के पास 500 ग्राम, प्रत्येक अविवाहित महिला के पास 250 ग्राम तथा परिवार के प्रत्येक पुरु ष के पास यदि 100 ग्राम सोना और गहने पाए जाते हैं तो उसकी जब्ती नहीं होगी। सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सीमा तक कानूनी रूप से वैध आभूषणों को रखने पर कोई कर नहीं लगेगा और यह पूरी तरह सुरक्षित है।’



घोषित आय से खरीदे सोने पर कोई टैक्स नहीं

विरासत में मिले सोने पर भी नहीं लगेगा करकृषि आय से खरीदे गए आभूषणों पर भी कर नहींसंशोधित कर कानून में जेवरों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव नहींनियमों के तहत सोना रखने पर छापों के दौरान नहीं होगी जब्ती सोना रखने की सीमा का नियम पुराना हैदशादीशुदा, गैर-शादीशुदा और पुरु षों द्वारा तय लिमिट में सोना रखने का यह नियम पुराना है। इनकम टैक्स की धारा 132 के तहत ही सोना रखने की वह लिमिट बताई गई है, जिसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जब्त नहीं कर सकता।आयकर का छापा कबदजब भी विभाग के असेसिंग ऑफिसर को यह लगता है कि कोई शख्स उसके पास मौजूद संपत्तियों को जायज और घोषित बताते दस्तावेज पेश करने की स्थिति में नहीं है, तब छापे या सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई के बारे में सोचा जाता है।

जमकर खरीदा गया सोना

500-1000 के नोट बंद करने का ऐलान होने के बाद बुधवार को मुंबई में 75 करोड़ रु पए कीमत का करीब ढाई क्विंटल सोना कुछ ही घंटों में बिक गया। देशभर में सभी छोटे-बड़े शहरों में ज्वेलर्स पुराने नोट के बदले 20 से 65 फीसद तक ज्यादा कीमत पर सोना बेच रहे थे। इंदौर जैसे शहरों में कहीं 45 तो कहीं 80 हजार रपए तोला सोना बिकने की खबर आई।25 शहर 250 किलो सोना ददेश के 25 शहरों में पुराने नोट के बदले 250 किलो सोना बेच देने वाले 600 ज्वेलर्स से डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलिजेंस ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। वहीं, यह भी माना गया था कि नोटबंदी के एलान के बाद 8 नवम्बर की रात से 12 नवम्बर के बीच चार दिन में 2500 किलो सोना देशभर में खरीदा गया।



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