अहमद पटेल का भविष्य कोई नहीं बता सकता: शंकर सिंह वाघेला

अहमद पटेल का भविष्य कोई नहीं बता सकता: शंकर सिंह वाघेला

 

नई दिल्ली। 8 अगस्त यानी कल मंगलवार को गुजरात में राज्य सभा की तीन सीटों के लिए मतदान होना है। कांग्रेस के विधायकों में सामने आ चुकी ​बगावत के बाद कांग्रेस की ओर से राज्यसभा के प्रत्याशी बनाए गए अहमद पटेल की जीत को लेकर पार्टी के ही पूर्व नेता शंकर सिंह वाघेला ने संशय जाहिर किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके शंकर सिंह वाघेला भले ही कांग्रेस से अपना इस्तीफा दे चुके हों लेकिन वह अहमद पटेल के दोस्त और उन्हें चुनौती देने वाले पूर्व कांग्रेसी विधायक बलवंत सिंह राजपूत के रिश्तेदार है।

वाघेला ने एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में दावा किया कि उन्होंने गुजरात कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष रहते पार्टी हाईकमान को राज्यसभा चुनाव से ठीक दो महीने पहले विधायकों की मनोदशा के बारे में अवगत करवाया था। उनका कहना है कि उन्होंने अहमद पटेल और राहुल गांधी को विधायकों में बड़े स्तर पर पनपती बगावत की ईच्छा के बारे में बताया था। उस समय कांग्रेस हाईकमान को उनकी बात समझ नहीं आई और उन्होने विधायकों के बागी हो जाने की सलाह को हल्के में लिया।

वाघेला कहते हैं कि शायद पार्टी हाईकमान को अंदाजा था कि कुल दो चार विधायक होंगे जो बगावत कर सकते हैं। लेकिन उन्हें ये अंदाजा नहीं था कि पार्टी के 57 में से 35 विधायक नाराज हैं बीजेपी में जाना चाहते हैं। जब अहमद पटेल का नामांकन होने को आया तब पार्टी की समझ में आया कि पटेल को जिताने के लिए उनके पर्याप्त संख्या बल नहीं है। तब हाई कमान ने 44 विधायकों को बेंगलुरू भेज दिया। ये भी ऐसा समय था जब गुजरात की जनता बाढ़ का सामना कर रही थी। जब जनता दुखी थी तब उनका विधायक छुट्टी मना रहा था, ऐसे में जनता इन विधायको को दोबारा क्यों चुनेगी।

वाघेला ने इशारों ही इशारों में पटेल की जीत पर कोई भविष्यवाणी करने से इंकार करते हुए कहा कि जिन 44 विधायकों को कांग्रेस ने इतने दिनों तक गुजरात से दूर रखा उनमें से भी कई ऐसे हैं जो पार्टी से नाराज हैं। अगर समय रहते कांग्रेस ऐसा करती तो बेहतर रहता। ये विधायक इतने दिनों में कैसे खुश हो जाएंगे यह सोचने वाली बात है।

बलवंत सिंह राजपूत को सपोर्ट करने के सवाल पर जवाब देते हुए वाघेला ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद से ही राजनीति से छुट्टी ले ली है। पार्टी के बुरे समय में वह भाजपा या किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने के बजाय दूर से पूरे घटनाक्रम को देखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार के लोगों पर वह किसी प्रकार का दबाव नहीं डाल सकते।

अमित शाह के राजनीतिक भविष्य पर पूछे सवाल का जवाब देते हुए वाघेला ने कहा कि पहले शाह का भविष्य जेल में था, अब महल में है अगर भविष्य में उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में भी देखा जा सकता है।

आपको बता दें कि गुजरात से तीन राज्य सभा सीटों के लिए भाजपा ने तीन और कांग्रेस ने एक मात्र प्रत्याशी के रूप में अहमद पटेल को मैदान में उतारा है। बीजेपी की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी और कांग्रेस के बागी विधायक बलवंत सिंह राजपूत को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। राजपूत के आने के बाद गुजरात की तीन राज्य सभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का भविष्य खतरे में आ गया है।