नोएडा निगम है या नहीं, इस बात की समीक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट

नोएडा। नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण नोएडा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य औद्योगिक विकास कानून के तहत निगम है या नहीं। इस बात को लेकर आयकर विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने समीक्षा करने की सहमति दे दी है।




बताते चले कि न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और न्यायमूर्ति ए एम सप्रे की पीठ ने आयकर विभाग की उस अपील पर सुनवाई की सहमति दे दी है जिसमे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में व्यवस्था दी है कि नोएडा औद्योगिक विकास कानून के तहत स्थापित निगम है और ऐसे में बैंक मियादी जमाओं में स्रोत पर आयकर कटौती नहीं कर सकते।




आपको बता दें कि यह विवाद 2013 में सामने आया था। उस समय आयकर विभाग ने बैंकों पर नोएडा की मियादी जमा प्राप्तियों पर ब्याज के रूप में होने वाली आय पर टीडीएस की कटौती न किए जाने पर देनदारी बसूली का नोटिस दिया था। जिसके बाद नोएडा अथॉरिटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आयकर​ विभाग को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट के सामने यूपी सरकार ने नोएडा के गठन को निगम करार देकर उसे ब्याज प्राप्तियों पर छूट का पात्र बताया था। जिसके आधार पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा आथॉरिटी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आयकर विभाग को झटका दिया था।