नोएडा SSP प्रकरण: CM ने तलब की रिपोर्ट, भ्रष्टाचार के आरोपों और वायरल वीडियो केस में हो सकती है कार्रवाई

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भ्रष्टाचार पर योगी सरकार सख्त, उन्नाव के DM देवेंद्र पांडेय सस्पेंड, 13 IAS के तबादले

लखनऊ। नोएडा एसएसपी वैभव कृष्ण के वायरल वीडियो और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हो रही यूपी सकरार की फजीहत के बाद सीएम योगी सख्त हो गए हैं। उन्होंने डीजीपी ओपी सिंह और मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को बुलाकर गहरी नाराजगी जताई है। सूत्रों की माने तो जल्द ही पांचों आईपीएस अफसरों और नोएडा एसएसपी पर कार्रवाई हो सकती है। मामले में डीजीपी व अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी प्रेस कांफ्रेस भी कर सकते हैं।

Noida Ssp Case Cm May Summon Action Corruption Allegations And Viral Video Case :

बता दें कि, नोएडा एसएसपी वैभव कृष्ण के ​कथित वायरल अश्लील वीडियो और पांच आईपीएस पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी बुधवार को कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। वहीं, विपक्ष इन आईपीएस अफसरों को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं, बुधवार को इन पर कोई निर्णय नहीं लिए जाने से नाराज सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और मुख्य सचिव गृह को बुलाकर जानकारी ली और कार्रवाई का निर्देश दिया।

गौरतलब है कि यह पूरा प्रकरण प्रकाश में आने के बाद डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और गोपनीय पत्र को सार्वजनिक करने को पुलिस सेवा नियमावली का उल्लंघन करार दिया था। इसके साथ की आईजी मेरठ के जरिए नोएडा एसएसपी से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई। गृह विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि इस प्रकरण में अंतिम निर्णय क्या होगा, यह मुख्यमंत्री तय करेंगे।

लखनऊ। नोएडा एसएसपी वैभव कृष्ण के वायरल वीडियो और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हो रही यूपी सकरार की फजीहत के बाद सीएम योगी सख्त हो गए हैं। उन्होंने डीजीपी ओपी सिंह और मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को बुलाकर गहरी नाराजगी जताई है। सूत्रों की माने तो जल्द ही पांचों आईपीएस अफसरों और नोएडा एसएसपी पर कार्रवाई हो सकती है। मामले में डीजीपी व अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी प्रेस कांफ्रेस भी कर सकते हैं। बता दें कि, नोएडा एसएसपी वैभव कृष्ण के ​कथित वायरल अश्लील वीडियो और पांच आईपीएस पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी बुधवार को कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है। वहीं, विपक्ष इन आईपीएस अफसरों को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं, बुधवार को इन पर कोई निर्णय नहीं लिए जाने से नाराज सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और मुख्य सचिव गृह को बुलाकर जानकारी ली और कार्रवाई का निर्देश दिया। गौरतलब है कि यह पूरा प्रकरण प्रकाश में आने के बाद डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और गोपनीय पत्र को सार्वजनिक करने को पुलिस सेवा नियमावली का उल्लंघन करार दिया था। इसके साथ की आईजी मेरठ के जरिए नोएडा एसएसपी से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई। गृह विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि इस प्रकरण में अंतिम निर्णय क्या होगा, यह मुख्यमंत्री तय करेंगे।