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नोएडा SSP मामला : किसके इसारे पर चल रहा है UP में ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल, आखिर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?

Noida Ssp Case Whose Action Is The Transfer Posting Game In Up

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। नोएडा एसएसपी वैभव कृष्ण के वायरल हो रहे लेटर ने यूपी की अफसरशाही और राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। वायरल हुए लेटर के बाद यूपी के डीजीपी ओपी सिंह को भी सामने आना पड़ा। उन्होंने मामले की जांच और कार्रवाई की बात कही थी। हालांकि, एसएसपी के ट्रांसफर-पोस्टिंग के दावे के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इसके पीछे की सच्चाई क्या है? किसके जरिए ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए रुपये लिए जा रहे हैं? अगर एसएसपी के दावे सही हैं तो योगी सरकार की जीरो टालरेंस नीति का दावा सिर्फ हवा हवाई ही साबित हो रही है।

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वहीं, यह मामला उजागर होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इसका संज्ञान लिया था और जांच के आदेश दिए थे। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई जांच रिपोर्ट नहीं आई है और न ही किसी अफसर पर कार्रवाई की गयी है। सूत्रों की माने तो ट्रांसफर-पोस्टिंग के पीछे एक कद्दावर नेता का भी नाम आ रहा है, जिसके कारण मामले में लीपापोती हो रही है और कार्रवाई के नाम पर जांच का आश्वासन दे दिया जा रहा है। बता दें कि, एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण प्रकरण की जांच को लेकर पूरे प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मचा हुआ है।

मामला उजागर होने के बाद जांच के लिए खुफिया एजेंसी से लेकर एटीएस तक को लगा दिया गया है। पुलिस विभाग के कई कर्मचारी भी टारगेट पर हैं। चर्चा है कि जल्द ही इस संबंध में कुछ गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। हालांकि, गुप्त रिपोर्ट सावर्जनिक होने के बाद नोएडा एसएसपी वैभव कृष्ण की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। शुक्रवार डीजीपी ओपी सिह ने इसको लेकर वैभव कृष्ण से स्पष्टीकरण मांगा है। डीजीपी के अनुसार इस तरह गुप्त रिपोर्ट को सार्वजनिक करना ऑल इंडिया सर्विस रूल बुक की धारा-9 का उल्लंघन है। डीजीपी और प्रदेश सरकार का रुख सामने आने के बाद एसएसपी की मुश्किलें फिलहाल बढ़ती नजर आ रही हैं।

मेरठ में पोस्टिंग के लिए 80 लाख
एसएसपी वैभव कृष्ण ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि आईपीएस अजय पाल और चंदन के बीच बातचीत की आडियो क्लिप का भी जिक्र किया है। इसमें दावा किया गया है कि चंदन राय लखनऊ के अतुल शु​क्ला और स्वप्निल राय के जरिए अजय पाल शर्मा की पोस्टिंग मेरठ में कराने की बात कर रहा है। मेरठ में पोस्टिंग के लिए 80 लाख रुपये की रकम मांगी गयी थी, जिसमें 40 लाख पहले और 40 लाख रुपये पोस्टिंग के बाद देने की बात कही गयी है।

वैभव कृष्ण का कथित वीडियो वायरल
नए साल के पहले दिन बुधवार शाम एसएसपी वैभव कृष्ण के कथित विडियो की चर्चा सामने आया और कुछ ही घंटों के अंदर एसएसपी ने इस बारे में अपनी बात रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला ली। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी वैभव कृष्ण ने साजिश का आरोप लगाते हुए गुप्त रिपोर्ट की बात की थी, लेकिन देर रात मीडिया में इस रिपोर्ट को जारी कर दिया गया। उनके हवाले से रिपोर्ट मीडिया में आने के बाद गुरुवार को पुलिस महकमे और सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए।

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