उत्तर कोरिया विकसित कर रहा मिसाइल बेस, सैटेलाइट में दिखी तस्वीरें

उत्तर कोरिया विकसित कर रहा मिसाइल बेस, सैटेलाइट में दिखी तस्वीरें
उत्तर कोरिया विकसित कर रहा मिसाइल बेस, सैटेलाइट में दिखी तस्वीरें

नई दिल्ली। एक तरफ जहां डोनाल्‍ड ट्रंप और किम जोंग उनके बीच दूसरी मुलाकात करने की संभावना जताई जा रही है वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सैटेलाइट से मिली जानकारी लगातार उत्तर कोरिया की पोल खोल रही हैं। सैटलाइट तस्वीरों से यह खुलासा हुआ है कि उत्तर कोरिया अपने प्रमुख लॉन्ग-रेंज मिसाइल बेस का विस्तार कर रहा है। बुधवार को सैटलाइट तस्वीरों के हवाले से यह दावा किया। यह दूर-दराज के इलाके में मौजूद ऊंची पहाडि़यों के बीच है।

North Korea Developed Long Range Missile Base In Yeongjeo Dong Us Satellite Image Reveal :

ट्रंप और किम ने इस साल जून में सिंगापुर में मुलाकात की थी। इस बैठक में कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण पर सहमति बनी थी, हालांकि इसे कैसे करना है, समझौते में इसका विशेष विवरण नहीं था। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने पहाड़ों पर स्थित अपने येओंगजेओ-डॉन्ग मिसाइल बेस को न सिर्फ अपग्रेड किया है, बल्कि एक नए बेस का भी निर्माण किया है।

विशेषज्ञों ने अमेरिकी न्यूज नेटवर्क सीएनएन को बताया कि मिसाइल बेस की लोकेशन उत्तर कोरिया की नई लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए बिलकुल मुफीद है। इनमें परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम मिसाइलें भी शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने अपने बयान में कहा है, ‘हम उत्तर कोरिया पर बहुत ही करीबी नजर बनाए हुए हैं लेकिन हम खुफिया सूचनाओं की चर्चा नहीं कर सकते।’

आपको बता दे की ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि वह 2019 की शुरुआत में किम के साथ दूसरे शिखर सम्मेलन की उम्मीद करते हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने गुरुवार को कहा था कि ट्रंप का मानना है कि किम ने सिंगापुर शिखर सम्मेलन में किए गए वादों को नहीं निभाया है।

नई दिल्ली। एक तरफ जहां डोनाल्‍ड ट्रंप और किम जोंग उनके बीच दूसरी मुलाकात करने की संभावना जताई जा रही है वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सैटेलाइट से मिली जानकारी लगातार उत्तर कोरिया की पोल खोल रही हैं। सैटलाइट तस्वीरों से यह खुलासा हुआ है कि उत्तर कोरिया अपने प्रमुख लॉन्ग-रेंज मिसाइल बेस का विस्तार कर रहा है। बुधवार को सैटलाइट तस्वीरों के हवाले से यह दावा किया। यह दूर-दराज के इलाके में मौजूद ऊंची पहाडि़यों के बीच है।ट्रंप और किम ने इस साल जून में सिंगापुर में मुलाकात की थी। इस बैठक में कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण पर सहमति बनी थी, हालांकि इसे कैसे करना है, समझौते में इसका विशेष विवरण नहीं था। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने पहाड़ों पर स्थित अपने येओंगजेओ-डॉन्ग मिसाइल बेस को न सिर्फ अपग्रेड किया है, बल्कि एक नए बेस का भी निर्माण किया है।विशेषज्ञों ने अमेरिकी न्यूज नेटवर्क सीएनएन को बताया कि मिसाइल बेस की लोकेशन उत्तर कोरिया की नई लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए बिलकुल मुफीद है। इनमें परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम मिसाइलें भी शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने अपने बयान में कहा है, 'हम उत्तर कोरिया पर बहुत ही करीबी नजर बनाए हुए हैं लेकिन हम खुफिया सूचनाओं की चर्चा नहीं कर सकते।'आपको बता दे की ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि वह 2019 की शुरुआत में किम के साथ दूसरे शिखर सम्मेलन की उम्मीद करते हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने गुरुवार को कहा था कि ट्रंप का मानना है कि किम ने सिंगापुर शिखर सम्मेलन में किए गए वादों को नहीं निभाया है।