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अब फैसले नहीं ले रहे हैं उत्‍तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन

North Korean Dictator Kim Jong Un Is Not Taking Decisions Now

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। नॉर्थ कोरिया (North Korea) के सुप्रीम लीडर और तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong-Un) की गुमशुदगी को लेकर कई तरह के दावे किये जा रहे हैं। हालांकि ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किम जोंग कहां हैं या फिर उनकी सेहत अब कैसी है। इसी बीच जापानी मीडिया में दावा किया गया है कि किम जोंग की अनुपस्थिति में सरकार के सभी बड़े फैसले उनकी छोटी बहन किम यो जोंग (Kim yog jong) ले रही हैं जापान के एक पब्लिकेशन ने यह दावा किया है। गेंदई बिजनस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्‍तर कोरिया की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ने किम को मंजूरी और हस्ताक्षर के लिए कुछ प्रस्ताव भेजे थे लेकिन इनसे जुड़े दस्तावेज वापस नहीं आए हैं।  

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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कई सरकारी दफ्तरों को अप्रैल के मध्य से किम के हस्ताक्षर किए हुए दस्तावेज नहीं मिले हैं। ऐसी खबरें हैं कि किम की मौत हो गई है या वह बहुत बीमार हैं। हालांकि इन खबरों की कोई पुष्टि नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरिया का दावा है कि वे जानते हैं कि किम कहां हैं।

किम ने अपने दादा किम इल-सुंग की जयंती पर आयोजित समारोहों में हिस्सा नहीं लिया था और तभी से उनके बारे में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उनकी बहन किम यो-जोंग ने सत्ता संभाल ली है। गेंदई बिजनस ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया में उच्च पद पर आसीन एक असंतुष्ट से बात की थी। उसने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी और राज्य की संस्थाएं कई हफ्तों से यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि किम ने प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए या नहीं।

बहन के सत्‍ता हाथ में लेने की कोई गुंजाइश नहीं

रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि किम का इलाज करने के लिए फरवरी के मध्य में जर्मनी के डॉक्टरों ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था। इससे पहले फ्रांस से डॉक्टरों की एक टीम भेजने का अनुरोध किया गया था। दक्षिण कोरिया की नैशनल एसेंबली रिसर्च सर्विसेज का कहना है कि किम की बहन कुछ दिनों से अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रही हैं। प्योंगयांग में एक सूत्र ने डेली एनके से कहा कि किम यो-जोंग की सत्ता अपने हाथ में लेने की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि उन्हें असली उत्तराधिकारी नहीं माना जाता है।

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डेली एनके के मुताबिक उत्तर कोरिया की स्थापना दूसरे विश्व युद्ध के बाद हुई थी और तबसे किम परिवार के पुरुषों ने ही देश पर राज किया है और किम यो-जोंग की नियुक्ति को लोग अपना अपमान मानेंगे। उत्तर कोरिया से आ रही जानकारी की पुष्टि करना मुश्किल है क्योंकि देश में सूचनाओं के आदानप्रदान पर कड़ा नियंत्रण है। इससे पहले डेली एनके ने खबर दी थी कि उत्तर कोरिया के अधिकारी एक लीक वीडियो की जांच कर रहे हैं जिसमें किम जोंग-उन की मौत की पुष्टि करता है।  

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