नोटबंदी के साथ गायब हुए कश्मीर के पत्थरबाज, आम जनजीवन बहाली की ओर

Note Ban Causes Peace In Kashmir Valley

नई दिल्ली। कश्मीर घाटी में करीब में करीब चार महीने बाद शांती बहाल होती नजर आ रही है। पिछले चार दिनों में 500 और 1000 रूपए नोट बंद होने के बाद एकाएक बदलने लगे हैं। आतंकी बुरहान बानी की मौत को मुद्दा बनाकर कश्मीरी युवा लगातार हिंसक प्रदर्शनों में घाटी में तैनात सेना के जवानों पर पत्थरों से हमला कर रहे थे। जिस वजह से कश्मीर घाटी में बेमियादी कर्फ्यू लगू कर दिया गया था।




प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 500 और 1000 के नोटों की बंदी का असर दिखने लगा है। जिस हवाला कारोबार, आतंकवाद और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर नोटबंदी आॅपरेशन को शुरू किया गया वह कश्मीर घाटी के हालातों को देखते हुए सफल होता नजर आ रहा है। कहा जाने लगा है कि कश्मीर में उन्माद फैलाने वालों के मंसूबों को झटका लगा है, वे उन्मदियों को फंडिंग नहीं कर पा रहे हैं जिससे उनके इशारे पर होने वाली पत्थरबाजी अब रूक गई है।




पूर्व में भी ऐसे तथ्य सामने आ चुके हैं कि कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेता प्रदर्शनकारियों को फंडिंग करते है। बेरोजगारी का दंश झेल रहे कश्मीरी युवा 500 रूपए के नोट के लिए मुंह पर कपड़ा बांधकर सेना के जवानों पर पत्थर फेंकने का काम करते है। 8 नवंबर को 500 और 1000 के नोटों पर बैन लगने के साथ ही कश्मीरी युवाओं को मिलने वाले 500 के नोट रद्दी हो गए हैं। अब पत्थरबाजों को होने वाली फंडिंग नहीं हो पा रही है।
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खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के रास्ते हवाला के जरिए कश्मीरी अलगाववादियों को होने वाली फंडिंग बदं पड़ गई है। खुलासा हुआ है कि कश्मीर में गैस सिलेंडर्स में भर कर रकम लाई जाती थी। अब हवाला के लाई गई ये रकम रद्दी बनकर रह गई है और कश्मीर में युवा क्रांतिकारी कहलाने वाले पत्थरबाज बेरोगार हो गए हैं।




एक रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी आॅपरेशन ने हवाला कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तानी हवाला फंडिंग पर चल रहा अलगाववादी नेताओं को एकाएक अपना आंदोलन रोकना पड़ गया है। इस पूरे नेटवर्क को उम्मीद है कि आने वाले 4 से 5 महीनों में सब कुछ ढर्रे पर लौट पाएगा।

फिलहाल ये कहा जा सकता है कि नोटबंदी आॅपरेशन से कश्मीर घाटी में पत्थरों की मार झेलने वाले जवानों को और आम कश्मीरी जनता को सहूलियत मिल गई है।

नई दिल्ली। कश्मीर घाटी में करीब में करीब चार महीने बाद शांती बहाल होती नजर आ रही है। पिछले चार दिनों में 500 और 1000 रूपए नोट बंद होने के बाद एकाएक बदलने लगे हैं। आतंकी बुरहान बानी की मौत को मुद्दा बनाकर कश्मीरी युवा लगातार हिंसक प्रदर्शनों में घाटी में तैनात सेना के जवानों पर पत्थरों से हमला कर रहे थे। जिस वजह से कश्मीर घाटी में बेमियादी कर्फ्यू लगू कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित…