देश हित की सोच प्रधानमंत्री का 500 व 1000 रुपए का नोटबंदी का फैसला

बिजनौर। देश में चाय बेचने वाला बच्चा बड़ा होकर हमारे देष के प्रधानमंत्री की शपथ लेने के बाद लगातार 20 घंटे कार्य करने वाले नरेन्द्र मोदी को अल्लाह ने सभी पार्टियों के नेताओं से ज्यादा गॉड गिफ्ट दिया है। हम भारतवासियों का सौभाग्य है कि चार बेचने का अनुभव गरीब, परेशानियां, प्रात उठकर आग जलाना, चाय बनाना के कार्य से गुजरते हुए देष का प्रधानमंत्री तक का सफर बहुत ज्यादा तर्जुबे का है। अहम फैसले, स्वच्छता अभियान, हर क्षेत्र में विकास, पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक, 1000 व पांच सौ के नोट बंद करना, सोने रखने की सीमा, पुरुष 100 ग्राम, अविवाहित महिला 250 ग्राम और विवाहित महिला 500 ग्राम सोने के जेवर रख सकती हैं। कोई आसान काम नहीं है।




अब पांच सौ व हजार के नोट के काले धन से 50,000 रुपये तोला खरीदने वाले धनाढय को सोना करीबों को बांटना या बेचना पड़ेगा। मेरी मुसलमानों व दूसरी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से अपील है कि प्रधानमंत्री को और उनके कार्यों को बुरा बताने से अच्छा है कि वह अपने दिन रात के बिताये सपनो का विष£ेशण करें। छुटभैये नेताओं की तारीफ सुनने में एक से दो घंटे व 12 घंटे के खराब न करें। मौका आने पर एक घंटा प्रधानमंत्री के और उनके कार्यों के बारे में गहनता से सोचें। देश व अपनी आत्मा के लिये भी कार्य करें। हमारे देश के मुसलमान व अन्य पार्टियों के नेता की भी सोच ऐसी ही होनी चाहिए। अपने गिरेबान में झांकर देख लें वह कौन सी सीढ़ी पर हैं। क्या वह देश के लिये सोच रहे हैं या अपने लिये या दूसरे के लिये।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट