अब 11 अंकों को होगा आपका मोबाइल नंबर, जानें क्या है इसके पीछे का कारण

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अब 11 अंकों को होगा आपका मोबाइल नंबर, जानें क्या है इसके पीछे का कारण

अब आपका मोबाइल नंबर 11 अंकों का हो सकता है। टेलिकॉम रेग्युलेटरी ऑफ इंडिया (TRAI) ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में ट्राई ने देश में 11 अंकों के मोबाइल नंबर को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। ट्राई के मुताबिक 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर को 11 अंकों वाले मोबाइल नंबर से बदलने पर देश में ज्यादा नंबर उपलब्ध हो पाएंगे।

Now 11 Digits Will Be Your Mobile Number Know What Is The Reason Behind It :

देश में मोबाइल नंबर्स क्षमता बढ़कर 1 हजार करोड़ होगी

ट्राई में अपने प्रस्ताव में कहा कि मोबाइल नंबर के पहला अंक अगर 9 रखा जाए तो 10 से 11 अंकों के मोबाइल नंबर पर स्विच होने से देश में कुल 10 बिलियन (1000 करोड़) नंबर्स की क्षमता हो जाएगी। ट्राई ने आगे कहा कि 70 प्रतिशत यूटिलाइजेशन और मौजूदा पॉलिसी के साथ 700 करोड़ कनेक्शन होने तक के लिए काफी है।

कॉल करते वक्त नंबर के आगे लगाना होगा ‘0’

इसके अलावा ट्राई ने फिक्स्ड लाइन से कॉल करते वक्त मोबाइल नंबर के आगे ‘0’ लगाने का भी सुझाव पेश किया है। अभी की बात करें तो फिक्स्ड लाइन कनेक्शन से इंटर-सर्विस एरिया मोबाइल कॉल्स के लिए नंबर की शुरुआत में ‘0’ लगाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि, मोबाइल नंबर्स को लैंडलाइन से बिना शुरुआत में जीरो लगाए भी ऐक्सेस किया जा सकता है। ट्राई ने कहा कि फिक्स्ड नेटवर्क से मोबाइस पर कॉल करने के लिए जीरो लगाना अनिवार्य होने पर लेवेल 2, 3, 4 और 6 में सभी फ्री सब-लेवल्स को मोबाइल नंबर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

आएगा नया नैशनल नंबरिंग प्लान

इसके अलावा ने एक नया नैशनल नंबरिंग प्लान को सुझाव भी दिया है, जिसे जल्द से जल्द से उपलब्ध कराना है। साथ ही ट्राई ने डॉन्गल्स के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबर को 10 अंकों से बढ़ाकर 13 अंक करने की भी बात कही है।  

अब आपका मोबाइल नंबर 11 अंकों का हो सकता है। टेलिकॉम रेग्युलेटरी ऑफ इंडिया (TRAI) ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में ट्राई ने देश में 11 अंकों के मोबाइल नंबर को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है। ट्राई के मुताबिक 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर को 11 अंकों वाले मोबाइल नंबर से बदलने पर देश में ज्यादा नंबर उपलब्ध हो पाएंगे। देश में मोबाइल नंबर्स क्षमता बढ़कर 1 हजार करोड़ होगी ट्राई में अपने प्रस्ताव में कहा कि मोबाइल नंबर के पहला अंक अगर 9 रखा जाए तो 10 से 11 अंकों के मोबाइल नंबर पर स्विच होने से देश में कुल 10 बिलियन (1000 करोड़) नंबर्स की क्षमता हो जाएगी। ट्राई ने आगे कहा कि 70 प्रतिशत यूटिलाइजेशन और मौजूदा पॉलिसी के साथ 700 करोड़ कनेक्शन होने तक के लिए काफी है। कॉल करते वक्त नंबर के आगे लगाना होगा '0' इसके अलावा ट्राई ने फिक्स्ड लाइन से कॉल करते वक्त मोबाइल नंबर के आगे '0' लगाने का भी सुझाव पेश किया है। अभी की बात करें तो फिक्स्ड लाइन कनेक्शन से इंटर-सर्विस एरिया मोबाइल कॉल्स के लिए नंबर की शुरुआत में '0' लगाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि, मोबाइल नंबर्स को लैंडलाइन से बिना शुरुआत में जीरो लगाए भी ऐक्सेस किया जा सकता है। ट्राई ने कहा कि फिक्स्ड नेटवर्क से मोबाइस पर कॉल करने के लिए जीरो लगाना अनिवार्य होने पर लेवेल 2, 3, 4 और 6 में सभी फ्री सब-लेवल्स को मोबाइल नंबर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। आएगा नया नैशनल नंबरिंग प्लान इसके अलावा ने एक नया नैशनल नंबरिंग प्लान को सुझाव भी दिया है, जिसे जल्द से जल्द से उपलब्ध कराना है। साथ ही ट्राई ने डॉन्गल्स के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबर को 10 अंकों से बढ़ाकर 13 अंक करने की भी बात कही है।