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‘The Lady of Heaven’ : अब पैगम्बर मोहम्मद की बेटी पर बनी फिल्म , सड़कों पर उतरे मुसलमान और मचा बवाल

The Lady of Heaven : भारत में पैगंबर मोहम्मद को लेकर जारी विवाद अभी थमा भी नहीं कि ब्रिटेन के सिनेमाघरों में पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) की बेटी पर बनाई गई फिल्म को लेकर विवाद शुरू हो गया है। हालांकि पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) की बेटी  की कहानी को प्रदर्शित करने का दावा करने वाली एक विवादास्पद नई फिल्म की सभी स्क्रीनिंग को रोक दिया गया है। ब्रिटेन की सबसे बड़ी सिनेमा चेन ने बड़े स्तर पर मुस्लिमों के विरोध के बाद ये कदम उठाया है। सिनेमाघरों में कर्मचारियों और कस्टमर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'द लेडी ऑफ हेवन' (The Lady of Heaven) को ब्रिटेन के सभी सिनेमाघरों से हटा लिया गया है।

By संतोष सिंह 
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The Lady of Heaven : भारत में पैगंबर मोहम्मद को लेकर जारी विवाद अभी थमा भी नहीं कि ब्रिटेन के सिनेमाघरों में पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) की बेटी पर बनाई गई फिल्म को लेकर विवाद शुरू हो गया है। हालांकि पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) की बेटी  की कहानी को प्रदर्शित करने का दावा करने वाली एक विवादास्पद नई फिल्म की सभी स्क्रीनिंग को रोक दिया गया है। ब्रिटेन की सबसे बड़ी सिनेमा चेन ने बड़े स्तर पर मुस्लिमों के विरोध के बाद ये कदम उठाया है। सिनेमाघरों में कर्मचारियों और कस्टमर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘द लेडी ऑफ हेवन’ (The Lady of Heaven) को ब्रिटेन के सभी सिनेमाघरों से हटा लिया गया है।

पढ़ें :- The Lady of Heaven : ब्रिटेन के सांसद बोले- सिनेमाघरों से फिल्म हटाने का निर्णय 'स्वतंत्र और प्रगतिशील देश के अनुकूल नहीं'

सिनेमाघरों की चेन ऑपरेट करने वाली कंपनी ‘सिने वर्ल्ड’ (Cine World) ने विरोध करने वाले समूहों को एक ईमेल भेजा है। जिसमेंकहा कि, ‘The Lady of Heaven’ की स्क्रीनिंग के बारे में हाल की घटनाओं के चलते, हमने अपने कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश में फिल्म की आगामी स्क्रीनिंग निरस्त करने का फैसला लिया है।

फिल्म ‘सभी मुस्लिमों के लिए दिल दुखाने के साथ ही इस्लाम पर झूठी जानकारी फैलाने’ के लिए बनाई गई

इसके बाद प्रदर्शनकारियों और ऑनलाइन याचिका चलाने वाले लोगों ने प्रारंभिक इस्लामी इतिहास के गलत चित्रण के लिए इस फ़िल्म की आलोचना की है। दावा किया है कि फिल्म ‘सभी मुस्लिमों के लिए दिल दुखाने के साथ ही इस्लाम पर झूठी जानकारी फैलाने’ के लिए बनाई गई है। विरोध करने वालों के अनुसार, यह फिल्म कई तरह से पैगंबर मुहम्मद का घोर अपमान करती है।

इस्लामी इतिहास के सबसे सम्मानित शख्सियतों का अनादर किया

विरोध करने वालों ने आरोप लगाया है कि यह रूढ़िवादी ऐतिहासिक तथ्यों को भी गलत तरीके से प्रस्तुत करती है। इसके माध्यम से इस्लामी इतिहास के सबसे सम्मानित शख्सियतों का अनादर किया गया है। फिल्म को हटाने की मांग वाली एक ऑनलाइन याचिका पर 123,000 से ज्यादा दस्तखत हुए हैं। वहीं, इस फिल्म के विरोध में कई ब्रिटिश मुस्लिम समूहों ने वक्तव्य जारी किए हैं। मुस्लिम भीड़ द्वारा पूरे ब्रिटेन के सिनेमा परिसरों में इस फिल्म को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए हैं। इस बीच फिल्म के निर्माता ने कहा है कि भीड़ के दबाव में स्क्रीनिंग रोकना ‘ब्रिटिश मूल्यों’ पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

ब्रिटेन के करीब 30 शहरों में सिनेवर्ल्ड और वू कॉम्प्लेक्स में यह फ़िल्म रिलीज़ की गई थी

निर्माता ने कहा कि भीड़ को ‘निर्देशित’ करने का अधिकार दिया गया है, कि UK में स्क्रीन पर क्या दर्शाया जा सकता है और क्या नहीं? शेफ़ील्ड के सिने वर्ल्ड के बाहर के एक वीडियो में कॉम्प्लेक्स के प्रबंधक को मेगा फोन के माध्यम से आक्रोशित भीड़ को शांत करने की कोशिश करते हुए दिखाया गया है। जबकि डरे हुए कर्मचारी अंदर छिपे हुए थे। वीडियो फुटेज में पुरुषों की बड़ी भीड़ के सदस्यों को नारे लगाते हुए दिखाया गया है। बता दें कि ब्रिटेन के करीब 30 शहरों में सिनेवर्ल्ड और वू कॉम्प्लेक्स में यह फ़िल्म रिलीज़ की गई थी।

फिल्म की स्क्रीनिंग रोकना कट्टरपंथियों और उनकी मांगों के आगे झुकना है : श्लिबक 

बता दे कि इस फिल्म की शुरुआत ISIS द्वारा इराक पर आक्रमण के साथ होती है। सातवीं शताब्दी के दौरान पैगम्बर मोहम्मद की बेटी फातिमा का जीवन चित्रण करती है। इस्लामी परंपरा धार्मिक शख्सियतों के प्रत्यक्ष चित्रण को वर्जित करती है। फिल्म के डायरेक्टर एली किंग (Film director Eli King) ने फातिमा को एक काले नकाब से ढके एक फेसलेस चरित्र के रूप में प्रदर्शित किया है। वहीं, लंदन स्थित ‘The Lady of Heaven’ के कार्यकारी निर्माता मलिक श्लिबक ने सिनेमाघरों के मालिकों द्वारा फिल्म को रोकने के फैसले को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने कहा कि ये कदम इन कट्टरपंथियों और उनकी मांगों के आगे झुकना है।

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