अब भारत के इस राज्य में खुला डायनासोर म्यूजियम पार्क, ये होगा खास

Dinosaur_and_Fossil_Park
अब भारत के इस राज्य में खुला डायनासोर म्यूजियम पार्क, ये होगा खास

नई दिल्ली। आपने जुरासिक पार्क फिल्म तो देखी ही होगी। ऐसा ही एक पार्क गुजरात के बालासिनोर क्षेत्र में बनकर तैयार हुआ है। यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा और देश का पहला डायनासोर म्यूजियम पार्क है, जिसे जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह पार्क 121 एकड़ में बनाया गया है।

Now In This State Of India Dinosaur Museum Park Is Opened :

बता दें, 36 साल पहले यानी साल 1983 में इसी जगह पर डायनासोर के जीवाश्म पाये गये थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां डायनासोर के 10 हजार अंडों के अवशेष भी मिले थे। इतना ही नहीं साल 2003 में इस जगह पर खुदाई के दौरान डायनासोर की कई नयी प्रजातियां मिली थीं। यहां नर्मदा नदी के किनारे डायनासोर के कंकाल, मसलन उनके मस्तिष्क, कमर, पैर और पूंछ की हड्डियां पायी गयी थीं। यहां बालासिनोर से 11 किलोमीटर दूर रैयोली गांव हमेशा से विशेषज्ञों के शोध का केंद्र रहा है।

बालासिनोर को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डायनासोर जीवाश्म स्थल माना जाता है। डायनासोर के विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 6.5 करोड़ साल पहले यहां डायनासोर की लगभत सात प्रजातियां रहा करती थीं। साथ ही इस म्यूजियम में देश-दुनिया में मिले तमाम तरह के डायनासोर के अवशेषों को थिएटर में थ्रीडी फिल्म के जरिये दिखाया जाएगा। यहां डायनासोर के बारे में लोगों को हर जानकारी दी जाएगी, मसलन उनका रहन-सहन और खान-पान कैसा था, वो किस तरह अपना जीवन व्यतीत करते थे।

नई दिल्ली। आपने जुरासिक पार्क फिल्म तो देखी ही होगी। ऐसा ही एक पार्क गुजरात के बालासिनोर क्षेत्र में बनकर तैयार हुआ है। यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा और देश का पहला डायनासोर म्यूजियम पार्क है, जिसे जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह पार्क 121 एकड़ में बनाया गया है। बता दें, 36 साल पहले यानी साल 1983 में इसी जगह पर डायनासोर के जीवाश्म पाये गये थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां डायनासोर के 10 हजार अंडों के अवशेष भी मिले थे। इतना ही नहीं साल 2003 में इस जगह पर खुदाई के दौरान डायनासोर की कई नयी प्रजातियां मिली थीं। यहां नर्मदा नदी के किनारे डायनासोर के कंकाल, मसलन उनके मस्तिष्क, कमर, पैर और पूंछ की हड्डियां पायी गयी थीं। यहां बालासिनोर से 11 किलोमीटर दूर रैयोली गांव हमेशा से विशेषज्ञों के शोध का केंद्र रहा है। बालासिनोर को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डायनासोर जीवाश्म स्थल माना जाता है। डायनासोर के विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 6.5 करोड़ साल पहले यहां डायनासोर की लगभत सात प्रजातियां रहा करती थीं। साथ ही इस म्यूजियम में देश-दुनिया में मिले तमाम तरह के डायनासोर के अवशेषों को थिएटर में थ्रीडी फिल्म के जरिये दिखाया जाएगा। यहां डायनासोर के बारे में लोगों को हर जानकारी दी जाएगी, मसलन उनका रहन-सहन और खान-पान कैसा था, वो किस तरह अपना जीवन व्यतीत करते थे।