1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. अब गर्भवती महिलाएं भी लगवा सकती हैं टीका, स्वास्थ्य मंत्रालय की मिली मंजूरी

अब गर्भवती महिलाएं भी लगवा सकती हैं टीका, स्वास्थ्य मंत्रालय की मिली मंजूरी

कोरोना संकट के बीच वैक्सीनेशन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड-19 टीकाकरण की अनुमति दे दी है। आंकड़ों की माने तो 90 फीसदी से ज्यादा संक्रमित गर्भवती महिलाएं अस्पताल में भर्ती हुए बिना ही ठीक हो गई। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगाह किया कि महिलाएं स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट होने पर डॉक्टर से मदद जरूर लें।

By संतोष सिंह 
Updated Date

Now Pregnant Women Will Get Corona Vaccine The Approval Of The Ministry Of Health

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड-19 टीकाकरण की अनुमति दे दी है। मंत्रालय ने कहा कि गर्भवती महिलाओं कोविड प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करा सकती हैं या पास के कोविड टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीका लगवा सकती हैं। आंकड़ों की माने तो 90 फीसदी से ज्यादा संक्रमित गर्भवती महिलाएं अस्पताल में भर्ती हुए बिना ही ठीक हो गई। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगाह किया कि महिलाएं स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट होने पर डॉक्टर से मदद जरूर लें।

पढ़ें :- बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम किसान हैं, गुंडे नहीं , गुंडे वे हैं जिनके पास कुछ नहीं है

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि 35 वर्ष से ज्यादा उम्र की गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 की वजह से गंभीर बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए टीकों की सुरक्षा और आवश्यकता पर बात करते हुए, मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से जन्म से पहले बच्चे की मृत्यु की संभावना बढ़ सकती है।

मंत्रालय ने कहा कि टीका लगवाने के लिए वो को-विन प्लेटफॉर्म पर या कोविड-19 टीकाकरण केंद्र में साइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें बार-बार हाथ धोने, सोशल डिस्टेंसिंग और डबल मास्क जैसे कोविड-19 नियमो का पालन करना जारी होगा।

कोविड-19 के टीके गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं और उन्हें अन्य व्यक्तियों की तरह इस बीमारी से बचाते हैं।

टीका लगवाने के बाद, सामान्य तौर पर हल्का बुखार हो सकता है, इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द हो सकता है।

पढ़ें :- मीनाक्षी लेखी ने 'पेगासस जासूसी कांड' को फेक बताया, कही- ये बड़ी बात

गर्भवती महिलाएं जो 35 वर्ष से ज्यादा उम्र की हैं, जिन्हें पहले से कोई बीमारी है या अंगों में थक्के जमने की शिकायत रहती हो तो उनके कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा बढ़ सकता है। अगर गर्भवती महिला गर्भावस्था के दौरान संक्रमित हो गई है, तो उसे डिलीवरी के बाद टीका लगाया जाना चाहिए।

बहुत ही कम (1-1.5 लाख व्यक्तियों में से एक) गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के 20 दिनों के अंदर निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव हो सकता है, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है: सांस की तकलीफ, सीने में दर्द, उल्टी के साथ या बिना लगातार पेट में दर्द, पेट में दर्द या सूजन, लगातार सिरदर्द और बिना किसी वजह से लगातार उल्टी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में अब तक कोविड-19 टीके की 34 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 18-44 आयु वर्ग के कुल 9,41,03,985 लोगों ने टीके की पहली खुराक ले ली है और 22,73,477 ने दूसरी खुराक भी ले ली है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अगले तीन दिन में कोविड-19 रोधी टीके की 44.9 लाख खुराकें मिलेंगी। मंत्रालय ने कहा कि सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की गति को तेज करने और इसका दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में टीकों की उपलब्धता बढ़ाकर, बेहतर योजना बना और टीका आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित कर टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की कोशिश की गई है।

पढ़ें :- योगी जी आवाज उठाना और आंदोलन करना जनता का एक संवैधानिक अधिकार : प्रियंका गांधी वाड्रा

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...
X