अब आरक्षण मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने भी मोदी सरकार पर​ किया हमला

priyanka
प्रियंका वाड्रा का बीजेपी पर बड़ा हमला, कहा संकट काल में आप महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने में जुटे हैं

नई दिल्ली। शुक्रवार को आरक्षण के मुद्दे पर कोर्ट द्वारा दिये गये बयान के बाद जहां राहुल गांधी ने बीजेपी ओर आरएसएस पर आरक्षण खत्म करवाने का आरोप लगाया था वहीं अब प्रियंका गांधी ने भी बीजेपी ओर आरएसएस पर हमला किया है। उन्होने ट्वीट किया, ‘भाजपा का आरक्षण खत्म करने का तरीका समझिए। आरएसएस वाले लगातार आरक्षण के खिलाफ बयान देते हैं। उत्तराखंड की भाजपा सरकार उच्चतम न्यायालय में अपील डालती है कि आरक्षण के मौलिक अधिकार को खत्म किया जाए।’

Now Priyanka Gandhi Also Attacked Modi Government On Reservation Issue :

उन्होने कहा उत्तर प्रदेश सरकार भी तुरंत आरक्षण के नियमों से छेड़छाड़ शुरू कर देती है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘भाजपा ने पहले दलित आदिवासियों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ बने कानून को कमजोर करने की कोशिश की। अब संविधान और बाबासाहेब द्वारा दिए बराबरी के अधिकार को कमजोर कर रही है।

आपको बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राज्य सरकारें नियुक्तियों में आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं हैं तथा पदोन्नति में आरक्षण का दावा कोई मौलिक अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, ‘इस न्यायालय द्वारा निर्धारित कानून के मद्देनजर इसमें कोई शक नहीं है कि राज्य सरकारें आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं हैं। ऐसा कोई मौलिक अधिकार नहीं है जिसके तहत कोई व्यक्ति पदोन्नति में आरक्षण का दावा करे।’

नई दिल्ली। शुक्रवार को आरक्षण के मुद्दे पर कोर्ट द्वारा दिये गये बयान के बाद जहां राहुल गांधी ने बीजेपी ओर आरएसएस पर आरक्षण खत्म करवाने का आरोप लगाया था वहीं अब प्रियंका गांधी ने भी बीजेपी ओर आरएसएस पर हमला किया है। उन्होने ट्वीट किया, 'भाजपा का आरक्षण खत्म करने का तरीका समझिए। आरएसएस वाले लगातार आरक्षण के खिलाफ बयान देते हैं। उत्तराखंड की भाजपा सरकार उच्चतम न्यायालय में अपील डालती है कि आरक्षण के मौलिक अधिकार को खत्म किया जाए।' उन्होने कहा उत्तर प्रदेश सरकार भी तुरंत आरक्षण के नियमों से छेड़छाड़ शुरू कर देती है। उन्होंने आरोप लगाया, 'भाजपा ने पहले दलित आदिवासियों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ बने कानून को कमजोर करने की कोशिश की। अब संविधान और बाबासाहेब द्वारा दिए बराबरी के अधिकार को कमजोर कर रही है। आपको बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राज्य सरकारें नियुक्तियों में आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं हैं तथा पदोन्नति में आरक्षण का दावा कोई मौलिक अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, 'इस न्यायालय द्वारा निर्धारित कानून के मद्देनजर इसमें कोई शक नहीं है कि राज्य सरकारें आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं हैं। ऐसा कोई मौलिक अधिकार नहीं है जिसके तहत कोई व्यक्ति पदोन्नति में आरक्षण का दावा करे।'