अब कोर्ट में जजों को ‘माई लॉर्ड’ और ‘योर लॉर्डशिप’ बोलने की नहीं है जरूरत, राजस्थान HC ने दिया नोटिस

rajasthan HC
अब कोर्ट में जजों को 'माई लॉर्ड' और 'योर लॉर्डशिप' बोलने की नहीं है जरूरत, राजस्थान HC ने दिया नोटिस

नई दिल्ली। कोर्ट में वकीलों और वहां आने वाले लोगों को अब जजों को माई लॉर्ड और योर लॉर्डशिप जैसे शब्दों के प्रयोग की कोई बाध्यता नहीं है। दरअसल राजस्थान HC ने अदालतों में न्यायाधीशों (जजों) के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ऐसे संबोधनों पर रोक लगाने की सलाह दी है। राजस्थान HC ने एक नोटिस जारी करके कहा है कि कोर्ट के सामने पेश होने वाले लोगों को माई लॉर्ड और योर लॉर्डशिप जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

Now The Judges In The Court Do Not Have To Say My Lord And Your Lordship Rajasthan Hc Has Given Notice :

बता दें कि इस नोटिस में हाईकोर्ट ने संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकार का हवाला देत हुए कहा है कि वकीलों और कोर्ट के सामने पेश होने वाले लोगों को ऐसे संबोधनों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

दरअसल, सोमवार को जारी नोटिस में राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा हमे समानता के अधिकार का सम्मान करना चाहिए। लिहाजा कोर्ट वकीलों और अदालत के सामने पेश होने वाले लोगों से यह आग्रह करती है कि वे माननीय न्यायाधीशों को ‘माई लॉर्ड’ और ‘योर लॉर्डशिप’ जैसे संबोधनों से अड्रेस करना बंद कर दें। ये फैसला रविवार को हुई एक बैठक में लिया गया है।

नई दिल्ली। कोर्ट में वकीलों और वहां आने वाले लोगों को अब जजों को माई लॉर्ड और योर लॉर्डशिप जैसे शब्दों के प्रयोग की कोई बाध्यता नहीं है। दरअसल राजस्थान HC ने अदालतों में न्यायाधीशों (जजों) के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ऐसे संबोधनों पर रोक लगाने की सलाह दी है। राजस्थान HC ने एक नोटिस जारी करके कहा है कि कोर्ट के सामने पेश होने वाले लोगों को माई लॉर्ड और योर लॉर्डशिप जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बता दें कि इस नोटिस में हाईकोर्ट ने संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकार का हवाला देत हुए कहा है कि वकीलों और कोर्ट के सामने पेश होने वाले लोगों को ऐसे संबोधनों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। दरअसल, सोमवार को जारी नोटिस में राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा हमे समानता के अधिकार का सम्मान करना चाहिए। लिहाजा कोर्ट वकीलों और अदालत के सामने पेश होने वाले लोगों से यह आग्रह करती है कि वे माननीय न्यायाधीशों को 'माई लॉर्ड' और 'योर लॉर्डशिप' जैसे संबोधनों से अड्रेस करना बंद कर दें। ये फैसला रविवार को हुई एक बैठक में लिया गया है।