GST: वॉश‍िंग मशीन और फ्रिज़ के अलावा ये सामान होंगे सस्ते

नई दिल्ली। महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अब सरकार वाशिंग मशीन जैसी कुछ घरेलू इस्तेमाल में आने वाली चीजों पर जी.एस.टी. कम करने पर विचार कर रही है। खबर है कि जीएसटी के तहत 176 उत्पादों का रेट घटाने के बाद आने वाले कुछ दिनों में कई अन्य बदलाव आने के संकेत हैं।

Now The Washing Machine And Fridge Will Be Cheap In Gst :

जैसा कि बीते दिनों होटल में खाना सस्ता करने के साथ ही 175 से ज्यादा उत्पादों को 28 फीसदी टैक्स स्लैब से निकालकर 18 और 12 फीसदी के स्लैब में रखा गया था, लेक‍िन वॉशिंग मशीन समेत कई उत्पाद अभी भी 28 फीसदी की कैटेगरी में ही हैं।

गौरतलब है कि ज्यादादर व्हाइट गुड्स पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया गया है, ऐसे में व्हाइट गुड्स महंगे हो गए हैं। माना जा रहा है कि जीएसटी की अगली बैठक में कंज्यूमर ड्यूरेबल पर जीएसटी कम करने का फैसला हो सकता है। जीएसटी परिषद पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर विचार कर सकती है। ऑयल मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी यह पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने की अपील कर चुके हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रियल इस्टेट को भी जीएसटी के दायरे में लाने की बात कही है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि रियल स्टेट को जल्द ही जीएसटी के तहत लाया जा सकता है।

नई दिल्ली। महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अब सरकार वाशिंग मशीन जैसी कुछ घरेलू इस्तेमाल में आने वाली चीजों पर जी.एस.टी. कम करने पर विचार कर रही है। खबर है कि जीएसटी के तहत 176 उत्पादों का रेट घटाने के बाद आने वाले कुछ दिनों में कई अन्य बदलाव आने के संकेत हैं।जैसा कि बीते दिनों होटल में खाना सस्ता करने के साथ ही 175 से ज्यादा उत्पादों को 28 फीसदी टैक्स स्लैब से निकालकर 18 और 12 फीसदी के स्लैब में रखा गया था, लेक‍िन वॉशिंग मशीन समेत कई उत्पाद अभी भी 28 फीसदी की कैटेगरी में ही हैं।गौरतलब है कि ज्यादादर व्हाइट गुड्स पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया गया है, ऐसे में व्हाइट गुड्स महंगे हो गए हैं। माना जा रहा है कि जीएसटी की अगली बैठक में कंज्यूमर ड्यूरेबल पर जीएसटी कम करने का फैसला हो सकता है। जीएसटी परिषद पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर विचार कर सकती है। ऑयल मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी यह पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने की अपील कर चुके हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रियल इस्टेट को भी जीएसटी के दायरे में लाने की बात कही है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि रियल स्टेट को जल्द ही जीएसटी के तहत लाया जा सकता है।