ग्रंथों में होगा उत्तर प्रदेश का इतिहास

लखनऊ: रुहेलखंड विश्वविद्यालय एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करने जा रहा है जिसके पूरा होने के बाद दुनिया की तरह उत्तर प्रदेश के पास न केवल अपना खुद का इतिहास होगा बल्कि प्रदेश के हर जिले का अपना अलग इतिहास होगा| जिले के बनने से लेकर उसके वर्तमान तक की सारी जानकारी ग्रंथ में लिखी जाएगी| रुहेलखंड विश्वविद्यालय की वजह से UP के पास अपना खुद का ग्रन्थ होगा जिसमें हर जिले की सारी जानकारी लिखी होगी |




रुहेलखंड विश्वविद्यालय को मिली है कांग्रेस की मेजबानी

UP के सभी बड़े इतिहासकार रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए एकजुट होंगे | 6 और 7 नवम्बर को होने वाली UP हिस्ट्री कांग्रेस की मेजबानी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को मिली है| सभी इतिहासकार UP पर की गई अपनी रिसर्च को इस प्रोग्राम में लोगों के सामने रखेंगे और रिसर्च में मिले तथ्यों के आधार पर UP का इतिहास लिखा जाएगा | हिस्ट्री कांग्रेस की मेजबानी मिलने के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है |

रुहेलखंड में छिपा है स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास

रुहेलखंड इतिहास के मामले में बहुत धनी है | रुहेलखंड में स्वतंत्रता संग्राम के प्रमाणिक ग्रन्थ मौजूद है | रुहेलखंड ने महाभारतकालीन के इतिहास का बहुत गहन अध्ययन किया है| विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष बिहारी लाल ने बताया है कि अब उत्तर प्रदेश के हर जिले का अपना खुद का इतिहास होगा और रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इस पर काम करना शुरू भी कर दिया है | 6 और 7 नवम्बर को सभी इतिहासकार मिलकर इसपर चर्चा करेंगे और काम शुरू करेंगे |

कोमल निगम की रिपोर्ट

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