अजीत डोभाल बोले- देश कभी नहीं भूलेगा 40 जवानों की शहादत

ajit dogval
अजीत डोभाल बोले- देश कभी नहीं भूलेगा 40 जवानों की शहादत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 80वें स्थापना दिवस के मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी है।

Nsa Ajit Doval Pulwama Attack Pakistan Crpf Anniversary Parade :

इस दौरान अजीत डोभाल ने सीआरपीएफ के जवानों को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के पुलवाला में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में शहीद 40 जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जवानों का यह बलिदान देश भूला नहीं है, और कभी भूलेगा भी नहीं। 

डोभाल ने गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में सीआरपीएफ के योगदान को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, ‘आंतरिक सुरक्षा का बहुत महत्व है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 37 देश ऐसे थे, जो टूट गए या फिर अपनी संप्रभुता खो बैठे। इनमें से 28 का कारण आंतरिक संघर्ष था।

देश अगर कमजोर होते हैं तो उसका कारण कहीं न कहीं आंतरिक सुरक्षा की कमी होती है। इसका दायित्व सीआरपीएफ पर है तो आप समझ सकते हैं कि कितनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आपको मिली है।’ 

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने भारत विभाजन के दौरान सीआरपीएफ के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शायद लोग भूल गए हैं कि भारत-पाक विभाजन के दौरान बेहद कम संख्या थी, लेकिन सीआरपीएफ ने जो भूमिका अदा की थी उस पर किताब लिखी जा सकती है। 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 80वें स्थापना दिवस के मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी है।

इस दौरान अजीत डोभाल ने सीआरपीएफ के जवानों को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के पुलवाला में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में शहीद 40 जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जवानों का यह बलिदान देश भूला नहीं है, और कभी भूलेगा भी नहीं। 

डोभाल ने गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में सीआरपीएफ के योगदान को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, 'आंतरिक सुरक्षा का बहुत महत्व है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 37 देश ऐसे थे, जो टूट गए या फिर अपनी संप्रभुता खो बैठे। इनमें से 28 का कारण आंतरिक संघर्ष था।

देश अगर कमजोर होते हैं तो उसका कारण कहीं न कहीं आंतरिक सुरक्षा की कमी होती है। इसका दायित्व सीआरपीएफ पर है तो आप समझ सकते हैं कि कितनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आपको मिली है।' 

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने भारत विभाजन के दौरान सीआरपीएफ के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शायद लोग भूल गए हैं कि भारत-पाक विभाजन के दौरान बेहद कम संख्या थी, लेकिन सीआरपीएफ ने जो भूमिका अदा की थी उस पर किताब लिखी जा सकती है।