अब इस खिलाड़ी ने क्रिकेट को कहा अलविदा, चयनकर्ताओं ने नहीं पूरी की आखिरी ख्वाहिश

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कोलंबो। श्रीलंका के अनुभवी तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा ने बुधवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। कुलसेकरा ने 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में पदार्पण किया था। उन्होंने 2017 में श्रीलंका के लिए अपना आखिरी वनडे मैच खेला था।

Nuwan Kulasekara Retired From International Cricket :

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक कुलसेकरा अपना फेयरवेल मैच खेलकर क्रिकेट जगत को अलविदा कहना चाहते थे लेकिन चयनकर्ताओं ने उनकी मांग नहीं मानी तो उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा कर दी। कुलसेकरा वनडे में सर्वाधिक विकेट लेने वाले श्रीलंका के पांचवें गेंदबाज हैं।

उनके नाम 184 मैचों में 199 विकेट दर्ज हैं। कुलसेकरा 21 टेस्ट मैचों में 48 विकेट चटका चुके हैं। इसके अलावा वह टी 20 में सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में लसिथ मलिंगा के साथ संयुक्त रूप से दूसरे श्रीलंकाई गेंदबाज है। कुलसेकरा के खाते में 58 मैचों में 66 विकेट हैं।

मलिंगा भी बांग्लादेश के साथ पहले वनडे मैच के बाद संन्यास ले लेंगे। कुलसेकरा ने 2011 विश्व कप के फाइनल में भारत के खिलाफ आखिरी ओवर डाला था। उनके इस ओवर में महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का लगाकर भारत को दूसरी बार विश्व विजेता बनाया था।

कोलंबो। श्रीलंका के अनुभवी तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा ने बुधवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। कुलसेकरा ने 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में पदार्पण किया था। उन्होंने 2017 में श्रीलंका के लिए अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक कुलसेकरा अपना फेयरवेल मैच खेलकर क्रिकेट जगत को अलविदा कहना चाहते थे लेकिन चयनकर्ताओं ने उनकी मांग नहीं मानी तो उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा कर दी। कुलसेकरा वनडे में सर्वाधिक विकेट लेने वाले श्रीलंका के पांचवें गेंदबाज हैं। उनके नाम 184 मैचों में 199 विकेट दर्ज हैं। कुलसेकरा 21 टेस्ट मैचों में 48 विकेट चटका चुके हैं। इसके अलावा वह टी 20 में सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में लसिथ मलिंगा के साथ संयुक्त रूप से दूसरे श्रीलंकाई गेंदबाज है। कुलसेकरा के खाते में 58 मैचों में 66 विकेट हैं। मलिंगा भी बांग्लादेश के साथ पहले वनडे मैच के बाद संन्यास ले लेंगे। कुलसेकरा ने 2011 विश्व कप के फाइनल में भारत के खिलाफ आखिरी ओवर डाला था। उनके इस ओवर में महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का लगाकर भारत को दूसरी बार विश्व विजेता बनाया था।