ओडिशा अग्निकांड : अस्पताल मालिक ने 56 घंटों बाद समर्पण किया

भुवनेश्वर: ओडिशा पुलिस ने गुरुवार को एसयूएम अस्पताल के मालिक मनोज नायक को इस सप्ताह की शुरुआत में अस्पताल में आग लगने के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस महानिदेशेाक (डीजीपी) के.बी. सिंह ने बताया कि नायक ने गुरुवार तड़के खंडागिरी पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया था और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।



पुलिस आयुक्त वाई.बी. खुरानिया ने बताया, “नायक ने तड़के 3.30 बजे आत्मसमर्पण किया। उनसे पूछताछ की जा रही है।” पुलिस ने बुधवार को नायक और उनकी पत्नी सास्वती दास के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था। दोनों शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं, जो अस्पताल चलाता है।

सास्वती को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। खुरानिया ने कहा, “अभी सास्वती के बारे में कोई सूचना नहीं है। हम सभी अस्पताल के सभी ट्रस्टी से पूछताछ करेंगे।” ओडिशा की सरकार ने पहले ही इस घटना के दौरान अग्नि सुरक्षा और रोगियों की निकासी में लापरवाही का हवाला देते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराए थे।

पुलिस महानिदेशक सिंह ने कहा कि राज्य के अग्निशमन सेवा निदेशालय ने एसयूएम अस्पताल में घोर लापरवाही पाई। अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निदेर्शो का पालन नहीं किया था। भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय ने मंगलवार को चिकित्सा अधीक्षक, पूर्व इंजीनियरों और अग्नि सुरक्षा अधिकारी संतोष दास सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि अस्पताल के डायलिसिस वार्ड के आईसीयू में सोमवार शाम 7.30 बजे आग लग गई थी। इसमें 106 लोग घायल हो गए।



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