ओडिशा ने पश्चिम बंगाल से जीती रसगुल्ला की जंग

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नई दिल्ली। रसगुल्ला के जीआई जियोग्राफिकल इंडीकेशन यानि भौगोलिक सांकेतिक को लेकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच छिड़ी लड़ाई का फैसला ओडिशा के पक्ष में गया है।

Odisha Got Geographical Indication Gi Tag For Rasagola :

अब रसगुल्ला को जीआई टैग के आधार ओडिशा रसागोला के तौर पर जाना जाएगा। भारत सरकार के जीआई रजिस्ट्री की ओर से घोषणा गई है कि रसगुल्ला को अब ओडिशा रसागोला के रूप में मान्यता दी जाती है। बता दें कि रसोगोला काफी पहले से भगवान जगन्नाथ को अर्पित की जाने वाली मिठाईयों में से एक है।

गौरतलब है कि जीआई रजिस्ट्री ने वर्ष 2017 में पश्चिम बंगाल को रसगुल्ला के लिए जीआई टैग दे दिया था। वहीं 2018 में ओडिशा ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसके खिलाफ अपील की थी।

आपत्ति पर विचार करते हुए जीआई रजिस्ट्री ने ओडिशा को दो महीने का समय दिया था। ओडिशा को इस समय में रसगुल्ला के आविष्कार और बनाने की विधि से लेकर तमाम बातों को सबूत सहित पेश करना था ताकि वह अपने दावों को पुष्ट कर सके।

नई दिल्ली। रसगुल्ला के जीआई जियोग्राफिकल इंडीकेशन यानि भौगोलिक सांकेतिक को लेकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच छिड़ी लड़ाई का फैसला ओडिशा के पक्ष में गया है। अब रसगुल्ला को जीआई टैग के आधार ओडिशा रसागोला के तौर पर जाना जाएगा। भारत सरकार के जीआई रजिस्ट्री की ओर से घोषणा गई है कि रसगुल्ला को अब ओडिशा रसागोला के रूप में मान्यता दी जाती है। बता दें कि रसोगोला काफी पहले से भगवान जगन्नाथ को अर्पित की जाने वाली मिठाईयों में से एक है। गौरतलब है कि जीआई रजिस्ट्री ने वर्ष 2017 में पश्चिम बंगाल को रसगुल्ला के लिए जीआई टैग दे दिया था। वहीं 2018 में ओडिशा ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसके खिलाफ अपील की थी। आपत्ति पर विचार करते हुए जीआई रजिस्ट्री ने ओडिशा को दो महीने का समय दिया था। ओडिशा को इस समय में रसगुल्ला के आविष्कार और बनाने की विधि से लेकर तमाम बातों को सबूत सहित पेश करना था ताकि वह अपने दावों को पुष्ट कर सके।