खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता: केशव प्रसाद मौर्य

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खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। प्रत्येक जनपद किसी विशेष उत्पाद के लिए जाना जाता है, जहां पर कच्चा माल एवं इससे संबंधित कारीगर निवास करते हैं। यही कारण है कि सरकार ने एक जनपद एक उत्पाद की योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद की सामथ्र्य एवं संभावनाओं को चिन्हित करते हुए उनके समुचित विकास को प्रोत्साहन दे रही है। यह विचार प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, सूक्ष्म, लघु, मध्यम तथा निर्यात प्रोत्सहान विभाग द्वारा इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक जनपद-एक उत्पाद समिट के तकनीकी सत्र में बोलते हुए व्यक्त किये।

Odop Summit Keshav Prasad Maurya :

उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रत्येक जनपद की एक पहचान बनाने में सहायक होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विविधिताओं से समृद्ध प्रदेश है। यहां कुल जनसंख्या का दो तिहाई हिस्सा कृषि पर आधारित है और प्रदेश में आलू खाद्यान्न, गन्ना बागवानी के साथ-साथ पशुधन, दुग्ध उत्पादन के उत्पादन मे अग्रणी है। मौर्य ने कहा कि वर्तमान में संगठित क्षेत्र में लगभग 6753 एवं असंगठित क्षेत्र में 3,50,00 प्रसंस्करण इकाइयाँ है, जिसमें रोजगार की अपार सभावनाएं है। यही कारण है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में है और प्रदेश सरकार इस क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं पूंजी निवेश को बढ़ावा दे रही है। उद्यमियों को आकर्षित करने तथा पारदर्शिता के दृष्टिगत खाद्य प्रसंस्करण नीति-2017 भी लागू की गई है।

मौर्य ने कहा कि नीति के अंतर्गत उद्यमियों को उद्योग की स्थापना, विस्तारीकरण, आधुनिकीकरण हेतु प्लांट मशीनरी एवं तकनीकी सिविल कार्य का 25 प्रतिशत अधिकतम 50 लाख रुपये तथा अनुदान तथा सूक्ष्म एवं लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ब्याजमुक्त ऋण दिए जाने की व्यवस्था है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मेगा फूड पार्क की स्थापना एवं बड़ी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण नीति में प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना में प्रदेश के फल एवं शाकभाजी आधारित प्रसंस्करण इकाईयों को अनुदान देने की व्यवस्था है।

मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय कच्चे माल का प्रसंस्करण मूल्य संवर्धन कर कृषकों की आय दो गुना करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से प्रधानमंत्री किसान सम्पदा के अंतर्गत मिर्जापुर, नोएडा तथा मथुरा में तीन मेगा फूड पार्क तथा तीन एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजनाओं के माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार मिल सकेगा। मौर्य ने कहा कि इस समिट के माध्यम से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण में पूंजी निवेश को एक नया आयाम मिलगा तथा खाद्य प्रसंस्करण एवं विपणन सुविधाओं के सुदृणीकरण से प्रदेश में नए-नए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित होंगे।

लखनऊ। प्रत्येक जनपद किसी विशेष उत्पाद के लिए जाना जाता है, जहां पर कच्चा माल एवं इससे संबंधित कारीगर निवास करते हैं। यही कारण है कि सरकार ने एक जनपद एक उत्पाद की योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद की सामथ्र्य एवं संभावनाओं को चिन्हित करते हुए उनके समुचित विकास को प्रोत्साहन दे रही है। यह विचार प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, सूक्ष्म, लघु, मध्यम तथा निर्यात प्रोत्सहान विभाग द्वारा इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक जनपद-एक उत्पाद समिट के तकनीकी सत्र में बोलते हुए व्यक्त किये।उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रत्येक जनपद की एक पहचान बनाने में सहायक होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विविधिताओं से समृद्ध प्रदेश है। यहां कुल जनसंख्या का दो तिहाई हिस्सा कृषि पर आधारित है और प्रदेश में आलू खाद्यान्न, गन्ना बागवानी के साथ-साथ पशुधन, दुग्ध उत्पादन के उत्पादन मे अग्रणी है। मौर्य ने कहा कि वर्तमान में संगठित क्षेत्र में लगभग 6753 एवं असंगठित क्षेत्र में 3,50,00 प्रसंस्करण इकाइयाँ है, जिसमें रोजगार की अपार सभावनाएं है। यही कारण है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में है और प्रदेश सरकार इस क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं पूंजी निवेश को बढ़ावा दे रही है। उद्यमियों को आकर्षित करने तथा पारदर्शिता के दृष्टिगत खाद्य प्रसंस्करण नीति-2017 भी लागू की गई है।मौर्य ने कहा कि नीति के अंतर्गत उद्यमियों को उद्योग की स्थापना, विस्तारीकरण, आधुनिकीकरण हेतु प्लांट मशीनरी एवं तकनीकी सिविल कार्य का 25 प्रतिशत अधिकतम 50 लाख रुपये तथा अनुदान तथा सूक्ष्म एवं लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ब्याजमुक्त ऋण दिए जाने की व्यवस्था है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मेगा फूड पार्क की स्थापना एवं बड़ी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण नीति में प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना में प्रदेश के फल एवं शाकभाजी आधारित प्रसंस्करण इकाईयों को अनुदान देने की व्यवस्था है।मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय कच्चे माल का प्रसंस्करण मूल्य संवर्धन कर कृषकों की आय दो गुना करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से प्रधानमंत्री किसान सम्पदा के अंतर्गत मिर्जापुर, नोएडा तथा मथुरा में तीन मेगा फूड पार्क तथा तीन एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजनाओं के माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार मिल सकेगा। मौर्य ने कहा कि इस समिट के माध्यम से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण में पूंजी निवेश को एक नया आयाम मिलगा तथा खाद्य प्रसंस्करण एवं विपणन सुविधाओं के सुदृणीकरण से प्रदेश में नए-नए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित होंगे।