अराजकतत्वों ने संघ प्रमुख के नाम से वायरल किया आपत्तिजनक लेख, दो एफआईआर दर्ज

mohan bhagwat
आईबी की रिपोर्ट: आतंकियों के निशाने पर आरएसएस के नेता और कार्यालय, बढ़ाई गई सुरक्षा

लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को बदनाम करने की साजिश सामने आई है। अराजकतत्वों ने उनके नाम और फोटो का प्रयोग कर संविधान की संरचना का मखौल उड़ाते हुए ‘नया संविधान’ नाम से एक लेख वायरल कर दिया है। लेख में आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी हैै। संघ के पदाधिकारियों ने हजरतगंज और गोमतीनगर थाने में दो एफआइआर दर्ज कराई हैं।

Offensive Articles Viral In The Name Of Sangh Chief Two Firs Filed :

‘नया भारतीय संविधान’ शीर्षक से सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे लेख को संघ प्रमुख का लेख बताया जा रहा है जबकि संघ कार्यालय ने इस तरह के किसी भी लेख की जानकारी से इन्कार किया है। लेख को मौजूदा माहौल को बिगाडऩे की बड़ी साजिश माना जा रहा है। इसमें सिर्फ एक जाति को महिमामंडित करते हुए शेष को उकसाने का प्रयास किया गया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे भारत विरोधी तत्वों की संलिप्तता तो नहीं है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नगर कार्यवाह तुलाराम निमेश की तहरीर में आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व देश का माहौल खराब करना चाहते हैैं। इसके चलते ही भारतीय संविधान के नाम का प्रयोग कर उसकी संप्रभुता से खिलवाड़ किया गया है। लेख के जरिए समाज में फूट डालने एवं संघ की छवि धूमिल की साजिश है। समाज में जाति, वर्ण, और धर्म को हथियार बनाकर लोगों में विभेद उत्पन्न करने की कोशिश की जा रही है। लेख का उद्देश्य जाति व समुदाय के लोगों में एक-दूसरे के प्रति घृणा पैदा करना है।

लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को बदनाम करने की साजिश सामने आई है। अराजकतत्वों ने उनके नाम और फोटो का प्रयोग कर संविधान की संरचना का मखौल उड़ाते हुए 'नया संविधान' नाम से एक लेख वायरल कर दिया है। लेख में आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी हैै। संघ के पदाधिकारियों ने हजरतगंज और गोमतीनगर थाने में दो एफआइआर दर्ज कराई हैं। 'नया भारतीय संविधान' शीर्षक से सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे लेख को संघ प्रमुख का लेख बताया जा रहा है जबकि संघ कार्यालय ने इस तरह के किसी भी लेख की जानकारी से इन्कार किया है। लेख को मौजूदा माहौल को बिगाडऩे की बड़ी साजिश माना जा रहा है। इसमें सिर्फ एक जाति को महिमामंडित करते हुए शेष को उकसाने का प्रयास किया गया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे भारत विरोधी तत्वों की संलिप्तता तो नहीं है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नगर कार्यवाह तुलाराम निमेश की तहरीर में आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व देश का माहौल खराब करना चाहते हैैं। इसके चलते ही भारतीय संविधान के नाम का प्रयोग कर उसकी संप्रभुता से खिलवाड़ किया गया है। लेख के जरिए समाज में फूट डालने एवं संघ की छवि धूमिल की साजिश है। समाज में जाति, वर्ण, और धर्म को हथियार बनाकर लोगों में विभेद उत्पन्न करने की कोशिश की जा रही है। लेख का उद्देश्य जाति व समुदाय के लोगों में एक-दूसरे के प्रति घृणा पैदा करना है।