ओली बने नेपाल के नए प्रधानमंत्री, ग्रहण की शपथ

काठमाण्डू। नेपाल में तीन सप्ताह पूर्व बने संविधान के विरोध में ‘संयुक्त मधेशी मोर्चा’ द्वारा जारी आंदोलन के बीच सोमवार को खडग प्रसाद शर्मा ओली ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और आठ सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया। राष्ट्रपति राम बरन यादव ने राष्ट्रपति भवन, शीतल निवास में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्‍सवादी लेनिनवादी) के अध्यक्ष ओली और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

देश की संसद द्वारा रविवार को प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद ओली ने बिजय कुमार गछाधर और कमल थापा को अपने सहायक (उपप्रधानमंत्री) के रूप में चुना। ओली ने दोनों को यह पद इसलिए प्रदान किया, क्योंकि रविवार को हुए मतदान में दोनों ने पूर्व प्रधानमंत्री नेपाली कांग्रेस के सुशील कोईराला के खिलाफ ओली को समर्थन दिया था। 

थापा नेपाल की एक मात्र राजशाही पार्टी ‘राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी-नेपाल’ के प्रमुख हैं और गछाधर ‘मधेसी अधिकार मंच, प्रजातांत्रिक’ के अध्यक्ष हैं। इस संगठन ने मधेसी समुदाय और नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्र के लोगों द्वारा जारी संविधान विरोधी आंदोलन से अलग होकर मंत्रिमंडल में शामिल होने का फैसला किया।

शपथ ग्रहण के बाद ओली नेपाल के छठे कॉम्युनिस्ट प्रधानमंत्री बन गए हैं।  जिन पांच लोगों ने मंत्री के रूप में शपथ ली है, उनमें अग्नि खरल, सत्य नारायण मंडल, सोम पांडे, हरिबोल गजुरेल और राम कुमार सुब्बा शामिल हैं।

आपको बता दें कि नेपाल में मधेशी व थारु जनजाति के लोग हाल ही में संविधान के विरोध में जगह-जगह आंदोलन कर रहे हैं। ये लोग संविधान में संशोधन की मांग कर रहे हैं। इन लोगों का आरोप है मधेशियों का आरोप है कि पारित हुए इस नए संविधान में भेदभाव की भावना से बनाया गया है।