मंत्री ओमप्रकाश राजभर को योगी मंत्रीमण्डल से किया गया बर्खास्त

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े एक बड़ी खबर सामने आयी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है। वह पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री के पद पर थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी सोमवार सुबह ही राज्यपाल रामनाईक से उन्हें हटाने की सिफारिश की थी।

Om Prakash Rajbhar Will Be Dismiss From Yogi Cabinet :

इसके अलावा राजभर की पार्टी के अन्य सदस्य जो विभिन्न निगमों और परिषदों में अध्यक्ष व सदस्य हैं सभी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। आपको बता दें कि राजभर ने पहले भी इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था।

राजभर अपने बयानों से अक्सर भाजपा को असहज करते रहे हैं। उन्होंने एनडीए में रहने के बाद भी लोकसभा चुनाव में यूपी में अपने उम्मीदवार उतारे थे। इस दौरान भाजपा नेताओं ने उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं मानें। राजभर ने चुनाव के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती के अगला प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी।

वहीं पूरे मामले पर राजभर का बयान आया है। उन्होंने कहा कि हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं। सीएम ने बहुत अच्छा फैसला लिया है। उन्होंने सामाजिक न्याय समिति का गठन किया और अपनी रिपोर्ट को एक कूड़ेदान में फेंक दिया उसके पास इसे लागू करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं था। मैंने उनसे सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को जल्द से जल्द लागू करने का अनुरोध किया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े एक बड़ी खबर सामने आयी है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है। वह पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री के पद पर थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी सोमवार सुबह ही राज्यपाल रामनाईक से उन्हें हटाने की सिफारिश की थी। इसके अलावा राजभर की पार्टी के अन्य सदस्य जो विभिन्न निगमों और परिषदों में अध्यक्ष व सदस्य हैं सभी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। आपको बता दें कि राजभर ने पहले भी इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था। राजभर अपने बयानों से अक्सर भाजपा को असहज करते रहे हैं। उन्होंने एनडीए में रहने के बाद भी लोकसभा चुनाव में यूपी में अपने उम्मीदवार उतारे थे। इस दौरान भाजपा नेताओं ने उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं मानें। राजभर ने चुनाव के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती के अगला प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी। वहीं पूरे मामले पर राजभर का बयान आया है। उन्होंने कहा कि हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं। सीएम ने बहुत अच्छा फैसला लिया है। उन्होंने सामाजिक न्याय समिति का गठन किया और अपनी रिपोर्ट को एक कूड़ेदान में फेंक दिया उसके पास इसे लागू करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं था। मैंने उनसे सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को जल्द से जल्द लागू करने का अनुरोध किया।