ज़बरदस्ती आधार कार्ड मांगने पर, अब दूकानदारों और बैंको पर लगेगा 10 हज़ार रुपए का जुर्माना

aadhar card
नया नियम: अब 50,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर आधार कर सकेंगे इस्तेमाल

नई दिल्ली। अगर आप दुकान पर सिम खरीदने या बैंक में खाता खुलवाने जाते हैं तो आपको आधार कार्ड देना आवश्यक होता है लेकिन, अब आपको ऐसा करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। अगर आप खाता खुलवाने या सिम खरीदने जा रहें तो अब आपसे कोई भी जबर्दस्ती आधार नंबर नहीं लेगा। अगर कोई दुकानदार आपसे ज़बरदस्ती आधार कार्ड मांगता है तो आप उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि आधार तथा अन्य कानूनों में सुधार बिल को लेकर मंजूरी दे दी गई है। इस बिल के मुताबिक अगर कोई इस नियमों का पालन नहीं करता है तो हर दिन 10 हज़ार रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है।

On Request For Force Card Now The Shopkeepers And Banks Will Be Fined 10 Thousand Rupees :

इस बिल के मुताबिक बैंक या सिम कार्ड देने वाला दुकानदार आपको आधार नंबर देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इस सुधार बिल को संसद में 17 जून के शुरू सत्र में पेश किया जाएगा। अगर कोई इस सुधार बिल में, आधार के प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर दिवानी जुर्माना 1 करोड़ रुपये तक लगाने का प्रस्ताव किया जा सकता है। दरअसल नए सुधार के मुताबिक आधार का अनाधिकृत इस्तेमाल दंडनीय है और इसके लिए 10 हजार रुपये तक का जुर्माना और साथ में तीन साल की कैद भी हो सकती है।

नए बिल में साफ-साफ कहा गया है कि ‘यदि संसद द्वारा किसी कानून की बाध्यता ना हो तो किसी व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करने के लिए आधार नंबर दिखाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।’ वहीं यदि कोई अनाधिकृत रूप से सेंट्रल आइडेन्टिटीज डाटा रिपोजिटीरी तक पहुंचता है और लोगों के आधार डाटा से छेड़छाड़ करता है तो उसे तीन साल से लेकर दस साल तक की जेल हो सकती है।

नए सुधार के मुताबिक बैंक में खाता खुलवाने के दौरान अपनी पहचान को साबित करने के लिए आधार का इस्तेमाल हो सकता है लेकिन यह स्वैच्छिक होगा। ऐसे में कोई बैंक आपसे जबरदस्ती आधार नंबर नहीं मांग सकता है।

नई दिल्ली। अगर आप दुकान पर सिम खरीदने या बैंक में खाता खुलवाने जाते हैं तो आपको आधार कार्ड देना आवश्यक होता है लेकिन, अब आपको ऐसा करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। अगर आप खाता खुलवाने या सिम खरीदने जा रहें तो अब आपसे कोई भी जबर्दस्ती आधार नंबर नहीं लेगा। अगर कोई दुकानदार आपसे ज़बरदस्ती आधार कार्ड मांगता है तो आप उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि आधार तथा अन्य कानूनों में सुधार बिल को लेकर मंजूरी दे दी गई है। इस बिल के मुताबिक अगर कोई इस नियमों का पालन नहीं करता है तो हर दिन 10 हज़ार रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। इस बिल के मुताबिक बैंक या सिम कार्ड देने वाला दुकानदार आपको आधार नंबर देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इस सुधार बिल को संसद में 17 जून के शुरू सत्र में पेश किया जाएगा। अगर कोई इस सुधार बिल में, आधार के प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर दिवानी जुर्माना 1 करोड़ रुपये तक लगाने का प्रस्ताव किया जा सकता है। दरअसल नए सुधार के मुताबिक आधार का अनाधिकृत इस्तेमाल दंडनीय है और इसके लिए 10 हजार रुपये तक का जुर्माना और साथ में तीन साल की कैद भी हो सकती है। नए बिल में साफ-साफ कहा गया है कि 'यदि संसद द्वारा किसी कानून की बाध्यता ना हो तो किसी व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करने के लिए आधार नंबर दिखाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।' वहीं यदि कोई अनाधिकृत रूप से सेंट्रल आइडेन्टिटीज डाटा रिपोजिटीरी तक पहुंचता है और लोगों के आधार डाटा से छेड़छाड़ करता है तो उसे तीन साल से लेकर दस साल तक की जेल हो सकती है। नए सुधार के मुताबिक बैंक में खाता खुलवाने के दौरान अपनी पहचान को साबित करने के लिए आधार का इस्तेमाल हो सकता है लेकिन यह स्वैच्छिक होगा। ऐसे में कोई बैंक आपसे जबरदस्ती आधार नंबर नहीं मांग सकता है।